तिलहर (शाहजहांपुर)। आंबेडकर गांव मौजमपुर निवासी बसपा नेता सत्यभान सिंह के शव का अंतिम संस्कार मारिया धाम स्थित श्मशान घाट पर कर दिया गया। बृहस्पतिवार दिन में तीन बजे सत्यभान की अर्थी उठी तो पत्नी रेखा दौड़ पड़ी। बोली-हमें भी साथ ले चलो। मृतक की मां रीता भी बिलख पड़ी। बोली-बेटा मुझे छोड़कर कहां चल दिए। उनकी दर्दभरी आवाज सुन लोगों का गला रुंध गया।
बृहस्पतिवार की सुबह सत्यभान सिंह के घर पर बसपा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटना शुरू हो गई। भीड़ लगने की सूचना पर सीओ तिलहर ज्योति यादव भी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुंचीं। पदाधिकारियों ने परिवार के लोगों को मुआवजा व एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी।
दोपहर बाद सभी रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद पुलिस सुरक्षा में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक के बेटे कुलदीप ने मुखाग्नि दी। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उनके बेटे अभिषेक के खिलाफ हत्या की कोशिश की धारा में अमन शुक्ला, पिंकी शुक्ला, रमनपाल, रामगोपाल निवासी मोहल्ला निजामगंज की ओर से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आरोप था कि मंगलवार शाम तिलहर थाने का दरोगा राहुल सिसौदिया अपने एक अन्य साथी के साथ घर के अंदर घुस आया। बेटे अभिषेक के बारे में पूछते हुए जातिसूचक गालियां दीं। छत पर जाकर पति सत्यभान को लात-घूंसों से पीटते हुए धक्का दे दिया। राजकीय मेडिकल कॉलेज में पति की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले का मौत से पूर्व का मृतक का वीडियो भी वायरल हो रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार हो गया है। दर्ज रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच कराई जा रही है। तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
अंतिम संस्कार के दौरान बसपा के जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह, उपाध्यक्ष तौफीक, अजय प्रताप सिंह राना, वीरपाल सिंह, राकेश कुमार सागर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सत्यभान सिंह का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन