फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उम्मीदों पर फिर गया पानी, बिखर गईं खुशियां

Sun, 02 Jul 2017 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहल्ला दिलाजॉक में मानसी उर्फ रानी द्वारा खुदकुशी कर लेने से पिता अशोक व मां अनीता की उम्मीदों पर पानी फिर गया। बेटी की पढ़ाई की ललक को देखते हुए दोनों के चेहरों पर जो खुशी थी वह एक झटके में बिखर गई।
विज्ञापन

पुलिस शाम लगभग साढ़े सात बजे कमरे में शव उतारने में लगीं थी, वहीं मां कभी कमरे में तो कभी घर के आंगन में छटपटाती बिलख रही थी। कुछ ऐसा ही हाल पिता का भी था। तीन बहनों और एक भाई के बीच सबसे बड़ी मानसी से घर वालों को उम्मीद थी कि वह पढ़ाई पूरी करके कुछ लायक बनेगी। इसलिए मजदूरी पेशा अशोक ने कभी भी बेटी की पढ़ाई में अपनी गरीबी आड़े नहीं आने दी। बीमारी में एक साल पहले दस वर्ष की बेटी को खो चुके आकाश अपने बच्चों से बेहद प्यार करते हैं। वह बेटी के इस आत्मघाती कदम से सदमे में हैं। आंसू पोछते हुए आकाश ने बताया कि जब वह सुबह घर से बहनोई के यहां जाने के लिए निकले थे, तब बेटी के चेहरे पर इस तरह का कोई भाव नहीं था, जिससे यह लगता कि वह फांसी के फंदे पर झूल जाएगी। मां अनीता भी कुछ समझ नहीं पा रही थी कि आखिर बेटी ने ऐसा कदम क्यों उठाया, जबकि उसकी जरुरत के हिसाब से हर बात मानी जाती थी। मानसी की मौत पर उससे छोटा भाई अभय, बहन अंजलि, वीरा भी गुमसुम थी। मोहल्ले के लोगों की भी आंखें नम थी। लोगों का यही कहना था कि सीधे-सादे अशोक के घर में यह हो क्या गया। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारण की तलाश में लगी है।
0000000
अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता कि मानसी ने फांसी क्यों लगाई, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिवार वाले भी कोई कारण नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल जांच चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव, सीओ सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें