कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शनिवार सांय एकबार फिर वार्डन ने छात्राओं के साथ बेरहमी से मारपीट की। वार्डन की पिटाई से आहत छात्राएं थाने पहुंचीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह समझा बुझाकर छात्राओं और उनके अभिभावकों को शांत किया।
बॉ स्कूल की वार्डन आकांक्षा गुप्ता के खिलाफ पहले भी ऐसे ही प्रकरणों की शिकायतें आती रही हैं। उनके ऐसे ही रवैए से पहरूआ गांव की आधा दर्जन छात्राएं पढ़ाई छोड़कर घर बैठ गईं हैं। शनिवार सांय करीब सात बजे कस्तूरबा स्कूल की कक्षा छह की छात्राएं संध्या, काजल, उजाला, सुहावनी, शिल्पी, रूबी, आनम, मधू, रोशनी, शीतल, रीना, नीरज, चंचल आदि अपने अभिभावकों के साथ रोती बिलखती थाने पहुंचीं। छात्राओं ने बताया कि वे पढाई कर रहीं थीं, उसी समय दूसरी छात्राएं ढोलक बजाने लगीं। ढोलक बजाने से मना करने पर छात्रायें आपस में मारपीट करने लगीं। छात्राओं को मारपीट करते देख वार्डन ने एक दर्जन के करीब छात्राओं की जमकर पिटाई कर दी।
छात्राएं आरोप लगा रहीं थीं कि उन्हें वार्डन के साथ ही एक छात्रा की मां ने स्कूल में आकर पीटा। थाने के एसआई अशोक कुमार पाल छात्राओं की व्यथा सुनकर तुरन्त स्कूल पहुंचे और स्कूल में हंगामा कर रहे अभिभावकों और छात्राओं को समझा बुझाकर किसी तरह मामला शांत किया।
वार्डन और शिक्षिकाओं के विवाद में पिस रहीं छात्राएं
मिर्जापुर। बॉ स्कूल में विवाद की जड़ वार्डन और शिक्षिकाओं में तालमेल की कमी बताई जा रही है। स्कूल शिक्षिकाओं ने अपने विवाद में छात्राओं के बीच भी पार्टीबंदी करवा दी है। स्कूल की छात्राओं के बीच होने वाले विवाद की सूचना वार्डन और शिक्षिकाओं द्वारा अपने अपने ग्रुप की छात्राओं के अभिभावकों को दे दी जाती है, तभी अभिभावक स्कूल मे आकर अपने पाल्यों के साथ आये दिन आरोप प्रत्यारोप लगाकर हंगामा करते हैं। इस संबंध में बा स्कूल की वार्डन आकांक्षा गुप्ता से संपर्क करने पर जवाब मिला कि जो मन में आए मीडिया लिखे, उन्हें कुछ नहीं कहना।