नेशनल हाईवे को फोर लेन बनाने के लिए कृषि भूमि समेत आवासों को अधिग्रहीत किए जाने के आसार देख अटसलिया गांव के बाशिंदे परेशान हो उठे हैं। उन्होंने मंगलवार को सदर तहसील जाकर प्रदर्शन किया और तहसील दिवस में डीएम शुभ्रा सक्सेना को ज्ञापन देकर अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन के बदले मकान बनाने को आवासीय पट्टे दिलाए जाने की गुहार की।
प्रदर्शन में शामिल अटसलिया निवासी रामसनेही, बटेश्वर दयाल, गंगाराम, मनोज कुमार, हथौड़ा बुजुर्ग की क्षेत्र पंचायत सदस्य रामबेटी आदि ने डीएम को बताया कि उनके मकान और जमीनें फोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल की जा रही हैं। ऐसी दशा में वह सभी आवासहीन हो जाएंगे और मजबूर होकर खुले आसमान के नीचे जीवन-यापन करना होगा। भूमिहीन मजदूर परिवारों को अधिग्रहीत जमीन का इतना मुआवजा नहीं मिलेगा कि कहीं रहने के लिए प्लाट खरीद सकें।
डीएम को दिए ज्ञापन में कहा गया है कि अटसलिया गांव में हाल ही में हुई चकबंदी में ग्राम समाज की काफी जमीन बचत के रूप में कई स्थानों पर छोड़ी गई है, जिस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों ने इसी नवीन परती भूमि को कब्जामुक्त कराकर वहां आवासीय पट्टे दिलाने की गुहार करते हुए कहा कि इससे गरीब परिवार वहां झोपड़ियां डालकर गुजर-बसर कर सकेंगे। प्रदर्शन में धर्मेंद्र, फूलमती, नन्हें लाल, दिनेश कुमार, भगवंत, अंगने लाल, सूरज प्रसाद, सलीम, गयादीन, लालाराम, रघुवर आदि शामिल रहे।
पुराने पंजीयन का नवीनीकरण कराने की गुहार
शहर के मोहल्ला सदर बाजार निवासी पंकज कुमार सक्सेना ने तहसील दिवस में डीएम को प्रार्थना पत्र देर सेवायोजन कार्यालय में तीन साल पुराने पंजीयन कार्ड का नवीनीकरण कराने की गुहार की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार इंटरनेट पर रिन्यूवल की ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाने पर मोबाइल से मिले मैसेज पर प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण बताने पर सेवायोजन कार्यालय से संपर्क किया, लेकिन अधिकारी दोबारा नया पंजीकरण कराने की सलाह देकर टरका रहे हैं। पंकज के अनुसार ऐसा करने पर पंजीयन कार्ड की तीन साल की वरिष्ठता प्रभावित होगी। तहसीलदार ने यह प्रकरण जिला रोजगार सहायता अधिकारी कमल किशोर को निस्तारण के लिए भेजा है।