शाहजहांपुर। तेजाब के हमले से पूरी तरह से चेहरा झुलसने के बाद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी। वह सरकारी कार्यालयों में भटककर गुहार लगाती रही। फिर इंस्टाग्राम के जरिये एक संस्था (फाउंडेशन) के संपर्क में आई। संस्था के प्रयास से 28 साल के बाद पीड़िता को पांच लाख रुपये का मुआवजा मिला। फाउंडेशन के अनुसार, एक लाख रुपये का मुआवजा और दिलाने की प्रक्रिया चल रही है।
घटना 1997 की है। उस समय पीड़िता की उम्र 15 साल थी। शहर का रहने वाला पप्पू पीड़िता पर शादी का दबाव बनाता था। इन्कार करने पर उसने चेहरे पर तेजाब डाल दिया। जिससे पूरा चेहरा जल गया। आंखें खराब हो गईं। बाद में माता-पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता अकेली रह गई। वह अपने केस की पैरवी व मदद के लिए दर-दर भटकती रही।
सरकारी ऑफिसों के चक्कर लगाए, लेकिन हल नहीं निकल सका। तब इंस्ट्राग्राम के जरिये लखनऊ की एक फाउंडेशन से करीब चार साल पहले संपर्क में आई। संस्था की फराह खान ने उनसे सारी जानकारी लेने के बाद पैरवी शुरू की। फराह खान ने बताया कि पीड़िता को एक लाख रुपये छह महीने पहले मिल गए थे। चार लाख रुपये कुछ दिन पहले मुआवजा के तौर पर मिले हैं। एक लाख रुपया और मुआवजा दिलाने के लिए संस्था प्रयास कर रही है।
संस्था ने उपलब्ध कराया राशन
उपचार में माता-पिता ने पहले ही सारी संपत्ति को बेच दिया था। माता-पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता के रिश्तेदारों ने किनारा कर लिया। तब संस्था ने पीड़िता को सहारा दिया। फराह ने बताया कि खाने-पीने का सामान और पीड़िता के उपचार के लिए आने वाली दवाओं का वहन संस्था करती है।
सलमान खान की संस्था का पता तलाशते हुए हुआ संपर्क
कोविड से पहले पीड़िता ने मदद के लिए काफी प्रयास किया। तब अभिनेता सलमान खान की संस्था से पीड़िता ने संपर्क करने का प्रयास किया। बाद में वह सोशल मीडिया के माध्यम से लखनऊ की संस्था के संपर्क में आई।