दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को जोधपुर जेल से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पर पीड़िता के पिता ने उसे पाखंडी बताया। उन्होंने कहा कि आसाराम जेल में बीमारी का बहाना बनाता है, जबकि जमानत पर वह स्वस्थ रहता है।
नाबालिग के यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को जोधपुर जेल से अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर शाहजहांपुर निवासी पीड़िता के पिता ने आसाराम को पाखंडी और मक्कार बताया। कहा कि आसाराम जेल में रहने पर बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में भर्ती हो जाता है। जमानत मिलने पर फिर नाचने और कूदने लगता है।
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बिटिया के पिता ने बुधवार को कहा कि आसाराम 14 महीने तक अंतरिम जमानत पर रहा। तब उसे कोई बीमारी नहीं थी। जमानत मिलने पर इंदौर, अहमदाबाद, जोधपुर के आश्रम में नाचता रहा। अब जेल में पहुंचने पर बीमारी का बहाना बनाकर लेट गया। बोले, अस्पतालों में गंभीर बीमारी की बात लिखवाकर कोर्ट में जमानत (बेल) की अर्जी देता है। पिता ने कहा कि उसका उपचार जेल के अस्पताल में ही कराया जाए।
पीड़िता के पिता ने बताया कि आसाराम के सहयोगियों को बरी किए जाने पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। अधिवक्ताओं से बात हो गई है। गर्मी का अवकाश होने के चलते 18 जून तक न्यायालय बंद हैं। उसके बाद याचिका दायर की जाएगी। बोले- पाखंडियों के खिलाफ यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।