अल्हागंज में रामगंगा नदी के पुल की टूटी रेलिंग के स्थान पर बांधी गई रस्सी। संवाद
अल्हागंज (शाहजहांपुर)। बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर रामगंगा के पुल से मंगलवार की रात नदी में गिरा गन्ने से भरा ट्रक बृहस्पतिवार को भी नहीं निकाला जा सका। पुलिस के निर्देश पर नदी में उतरे गोताखोरों को दिन भर प्रयास करने के बावजूद गहराई में डूबे ट्रक की चेसिस और टायर भी नहीं दिखे। ट्रक की चेसिस दिखने पर ही उसे बाहर निकालना संभव होगा। वहीं, बृहस्पतिवार को भी पुल की मरम्मत और रेलिंग ठीक करने का काम शुरू नहीं हो सका। पुल पर सुरक्षात्मक उपाय नहीं दिखे।
मंगलवार रात करीब नौ बजे बदायूं से गन्ने लेकर हरदोई जिले की रूपापुर चीनी मिल जा रहा ट्रक पुल पर अनियंत्रित होकर उसकी रेलिंग तोड़ते हुए रामगंगा नदी में जा गिरा था। मुरादाबाद निवासी ट्रक चालक राजपाल ने हादसे की वजह ट्रक का स्टीयरिंग फेल होना बताया। उसने यह भी बताया कि ट्रक के साथ वह भी नदी में गिर गया और गोते खाते हुए करीब तीन किमी आगे किनारे की झाड़ियां पकड़कर नदी से बाहर निकल सका।
वहीं, ट्रक के मालिक संजीव गुप्ता ने हादसे को प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया है। उनका कहना है कि पुल के बीचों-बीच बने गड्ढे की वजह से ट्रक अनियंत्रित होकर नदी में गिरा।
ट्रक मालिक ने बताया कि हादसे में ट्रक डूब जाने से उनका लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है और उस पर लादे गए गन्ने का नुकसान अलग है। गोताखोरों को नदी में केवल ट्रक का ऊपरी हिस्सा और गन्ना दिख रहा है, उसकी चेसिस और टायर अब तक नहीं दिखे हैं। माना जा रहा है कि गन्ने के भारी बोझ से ट्रक नदी की तलहटी में गहराई तक धंस गया है। नदी में पानी का बहाव भी अधिक होने से ट्रक के निचले हिस्से तलाशने में दिक्कत हो रही है। इसे देखते हुए फर्रुखाबाद से अतिरिक्त गोताखोर भी बुलाए गए हैं।
पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का शुरू नहीं हुआ काम
पुल पर गंभीर हादसा होने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अब तक पुल की मरम्मत का काम शुरू नहीं कराया है, जबकि इस बारे में एनएचएआई के साइट इंजीनियर को बुधवार सुबह ही अवगत करा दिया गया था। ट्रक के नदी में गिरने से टूटी पुल की रेलिंग अब तक जस की तस पड़ी है। न तो वहां रेडियम के रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं और न ही क्षतिग्रस्त रेलिंग के पास सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम किए गए हैं। राहगीरों को उस ओर जाने से रोकने के लिए वहां सिर्फ रस्सी बांध दी गई है। पुल के बीच बने गहरे गड्ढे के पास टूटी बैरिकेडिंग का एक पाइप रखा होने वहां कभी भी दोबारा हादसा हो सकता है। पुल से निकले लोग दिन भर वहां रुककर क्षतिग्रस्त हिस्से को देखते रहे, लेकिन पुलिस ने कोई रोक-टोक नहीं की। रामगंगा पुल की देखरेख कर रहे एनएचएआई के साइट इंजीनियर नसीम खां के अनुसार मरम्मत के लिए उनकी टीम बृहस्पतिवार को सुबह पुल पर पहुंची, लेकिन पुल पर जाम लगने की आशंका में काम शुरू नहीं हो सका। उनका कहना है कि बृहस्पतिवार को रात नौ बजे के बाद हाईवे पर आवागमन कम होते ही सुरक्षा से जुड़े काम कराए जाएंगे और एक-दो दिन में पुल की मरम्मत का काम भी शुरू करा दिया जाएगा।
अल्हागंज में रामगंगा नदी के पुल की टूटी रेलिंग के स्थान पर बांधी गई रस्सी। संवाद