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शनिवार सुबह चंदपई पहुंचा बाघ...कैमरे में कैद हुई बाघ की तस्वीरें

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पुवायां (शाहजहांपुर)। सिंधौली और पुवायां क्षेत्र में घूम रहे बाघ की गई तस्वीरें वन विभाग की ओर से लगाए गए इंफ्रारेड कैमरों में कैद हुई हैं। फोटो देखने से साफ है कि बाघ गांवों के आसपास खेतों में आराम से घूम रहा है। शनिवार सुबह बाघ चंदपई में चमकोर झाले के पास पहुंच गया।
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सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव चंदपई, कोटावारी, पिलखना, मजरा, सिसैया, बढ़ेला, किरतापुर, महाऊ दुर्ग के गांवों के पास जनवरी से एक बाघ देखा जा रहा है। सात माह से वनकर्मी लोगों को जागरूक करने के लिए पंफलेट बांटकर कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। बाघ अब तक कई वन्य पशुओं, बकरे आदि मार चुका है। एक अगस्त को बाघ ने गांव श्यामपुर के पास एक बकरे को मार डाला था। दो अगस्त को बाघ ने गांव कोटावारी के पास एक घुमंतू पशु पर हमला कर घायल कर दिया था। अब बाघ कोटावारी के पास से गांव सिसैया के पास तक घूम रहा है।
बाघ के देखे जाने से एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग दहशत में हैं। वन विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार कांबिंग कर रहीं हैं, लेकिन बाघ को पकड़ कर जंगल में छुड़वाने के सार्थक प्रयास अब तक नहीं किए गए हैं।
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आगे और बढ़ेगी समस्या
बाघ गन्ने के खेतों में छिपा रहता है और वहीं शिकार भी करता है। जल्दी ही गन्ने की कटाई शुरू होने पर समस्या और बढ़ जाएगी। बाघ के छिपने का स्थान कम होता चला जाएगा। ऐसे में गन्ना काटते समय बाघ किसी पर हमला भी कर सकता है। गन्ने की छिलाई से पहले बाघ को पकड़ने का प्रयास नहीं हुआ तो बड़ी घटना हो सकती है।
पिंजड़े के करीब नहीं जाता बाघ
वन विभाग बाघ को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर बदल बदलकर पिंजड़ा लगवा रहा है। पिंजड़े में बकरा भी बांधा जाता है लेकिन बाघ आसान शिकार के किनारे भी नहीं आता है। बाघ घुमंतू पशु, नीलगाय, खरगोश, सियार आदि को मार रहा है जो गन्ने के खेत में और आसपास आसानी से मिल जाते हैं।
वन विभाग की ओर से लगाए गए कैमरों में बाघ के साथ ही अन्य वन्य पशुओं की फोटो भी आई हैं। कैमरों में सियार, लकड़बग्घा, फिशिंग कैट की फोटो भी आईं हैं। इससे साफ है कि क्षेत्र में अन्य वन्य पशु भी मौजूद हैं। संवाद
बाघ के साथ शावक नहीं
बाघ के साथ शावक नहीं हैं। इसकी पुष्टि इंफ्रारेड कैमरों और पगमार्क से भी हुई है। गांव के लोग जिन वन्य पशुओं को बाघ का शावक बता रहे हैं, वह फिशिंग कैट है। कैमरों में फिशिंग कैट के कई फोटो आए हैं। वनकर्मियों ने भी बाघ के साथ शावक नहीं होने की बात कही है। संवाद
बाघ जनवरी से गांव चंदपई के चमकोर झाले के पास है। शनिवार को बाझा झाले के पास पहुंच गया है। इसकी जानकारी हो गई है। पिंजड़ा लगवाया जाएगा। - रमाकांत सक्सेना, रेंजर सिंधौली रेंज
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