ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन और केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच नई दिल्ली मेें हुई वार्ता बेनतीजा साबित होने के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा न्यूज चैनलों से सराफा की हड़ताल वापस ले लिए जाने की खबर प्रसारित कराए जाने से जिले की सराफा यूनियनों के पदाधिकारी भड़क उठे हैं। शहर की सराफा यूनियनों की रविवार को चौक में हुई संयुक्त बैठक में सरकार के दुष्प्रचार की कड़ी भर्त्सना करते हुए दस अप्रैल तक सराफा प्रतिष्ठान बंद रखने का संकल्प दोहराया। दिल्ली रैली से लौटे सदर सराफा एसोसिएशन के महामंत्री विनोद सराफ ने बैठक में बताया कि दो दिन पहले दिल्ली में प्रमुख सराफा संगठनों की सरकार के साथ महत्वपूर्ण बैठक में मुंबई के एक सरकार समर्थित सराफा संगठन ने सरकार के आश्वासनों पर सहमति जताकर हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि अन्य संगठन वार्ता से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सरकार का झूठे आश्वासनों वाला लॉलीपॉप ठुकरा दिया। चौक सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष जवाहर लाल रस्तोगी ने कहा कि सरकार की अंग्रेजों जैसी फूट डालो-राज करो की नीति कामयाब नहीं होने दी जाएगी। जलालनगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज वर्मा सराफ ने कहा कि केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व से मिले दिशा निर्देशों के अनुरूप दस अप्रैल तक सराफा प्रतिष्ठान बंद रखे जाएंगे। बैठक में मुन्ना लाल चंदेल, प्रभाकर वर्मा, राजीव खन्ना, राजनारायण गुप्ता, कमलेश वर्मा, प्रदीप मेहरोत्रा, सतीश माने, गौरव मेहरोत्रा, दीपक वर्मा, हिमांशु वर्मा, संजीव वर्मा आदि शामिल रहे।