पुवायां में शिव महापुराण कथा सुनते श्रद्धालु। संवाद
पुवायां। कैमहरा मार्ग पर एक पैलेस में चल रही शिव महापुराण कथा में व्यास शिवलाल शुक्ला ने दूसरे ज्योतिर्लिंग की कथा सुनाई। कहा कि भगवान शिव के छोटे पुत्र गणेश, कार्तिकेय से पहले विवाह करने चाहते थे। माता पार्वती और शिव जी ने उनका विवाह करा दिया। इससे कार्तिकेय नाराज हो गए और माता-पिता के चरण स्पर्श कर क्रौंच पर्वत पर रहने लगे। पुत्रमोह में माता पार्वती उन्हें लेने गईं तो कार्तिकेय पलायन कर गए। इस पर माता पार्वती वहीं बैठ गईं। इसके बाद भगवान शिव भी ज्योतिर्लिंग के रूप में वहां प्रकट हुए। माता पार्वती के नाम से मल्लिका और भगवान शिव का नाम अर्जुन से भी जाना जाता है। इस कारण इस जगह को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के नाम से पड़ गया। कथा व्यास ने तीसरे ज्योतिर्लिंग महाकाल की कथा भी सुनाई। 30 दिसंबर को द्वादश ज्योतिर्लिंगों का सामूहिक महारुद्राभिषेक और शृंगार पूजन किया जाएगा। संवाद