परौर। बर्खेमई के देवस्थान परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को वृंदावन से आए कथावाचक परमानंद शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के हाथों कंस वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि मथुरा के राजा कंस के अत्याचारों से जनता बहुत परेशान थी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से पहले कंस अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी से डरकर नवजात की हत्या कराने लगा। इसके बावजूद देवकी के आठवें पुत्र के रूप में पैदा हुए भगवान श्रीकृष्ण ने तमाम असुरों वध करके अंत में कंस को भी मौत के घाट उतार दिया। कथा श्रवण में अरविंद सिंह राठौर, देवेंद्र सिंह, सुरेंद्र कश्यप, विनीत कश्यप, कमलेश कुमार आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद