रंजिशन दो सिपाहियों ने रविवार को नगर के बंडा रोड निवासी बर्तन व्यापारी राकेश गुप्ता के पुत्र राहुल की मेन मार्केट स्थित दुकान के सामने डंडों और लात-घूसों से पिटाई कर दी। इसके बाद सिपाही राहुल को बाइक पर बैठाकर थाने ले गए और थाने में उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। जानकारी पाकर उत्तेजित व्यापारी और नगर के तमाम लोग थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए थाने के गेट पर धरने पर बैठ गए। सीओ पुवायां उमेश शर्मा ने दोनों आरोपी सिपाहियों के निलंबन की संस्तुति एसपी को भेज दी है। इसकी पुष्टि होने पर थाना घेरे बैठे व्यापारी रात को मौके से हटे।
राकेश गुप्ता का आरोप है कि जमीन के विवाद के एक मामले में खुटार थाने में तैनात सिपाही हर्ष कुमार ने उसे जेल भेज देने की धमकी देते हुए रुपयों की मांग की थी। सिपाही के डर से उसने कुछ रुपये भी दिए थे, जिसका उसके पास प्रमाण भी है। उन्होंने कुछ लोगों से सिपाही को रुपये देने की चर्चा की थी, इसको लेकर सिपाही उनसे खुन्नस मानने लगा था। रविवार को सिपाही हर्ष कुमार अपने साथी सिपाही सलीम को लेकर उनकी दुकान पर पहुंचा। दुकान पर उनका पुत्र राहुल बैठा हुआ था। सिपाही राहुल से गाली गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने राहुल को पीटना शुरू कर दिया। राहुल ने पिटाई का विरोध किया तो दूसरे सिपाही ने उसे पीटना शुरू कर दिया और राहुल को बाइक पर बिठाकर थाने ले गए। आरोप है कि थाने पर भी राहुल को दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया। इससे राहुल को गंभीर चोटें आईं।
राहुल को पीटे जाने की जानकारी पाकर व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल गुप्ता, ब्लाक प्रमुख मनोज त्रिवेदी, नगर पंचायत अध्यक्ष गुड्डी देवी के पति लक्ष्मण गुप्ता, पूर्व चेयरमैन अनुपम शुक्ला, सत्यपाल गुप्ता, अशोक गुप्ता सहित तमाम व्यापारी थाने जा पहुंचे और सिपाहियों की करतूत पर रोष जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने और राहुल को थाने से छोड़ने की मांग की। पुलिस की हीलाहवाली से लोग आक्रोशित हो उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाना गेट पर धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। एसओ जसवीर सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक लोगों ने धरना समाप्त करने से इंकार कर दिया। जानकारी पाकर एसडीएम सलिल कुमार पटेल और सीओ उमेश शर्मा थाने पहुंचे और लोगों को समझाकर धरना समाप्त करने को कहा, लेकिन व्यापार मंडल के लोग सिपाहियों के निलंबन और रिपोर्ट दर्ज कराए जाने को लेकर अड़े हुए हैं। देर रात तक धरना प्रदर्शन जारी था।
एसपी की सख्ती के बाद भी भूमि विवाद में कूदा सिपाही
खुटार। एसपी बबलू कुमार ने कई माह पूर्व आदेश दिए थे कि जमीन के विवाद के मामले में यदि किसी पुलिसकर्मी का दखल पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी, बावजूद इसके सिपाही हर्ष कुमार ने जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में व्यापारी राकेश से कथित तौर पर रुपये ऐंठने के साथ ही व्यापारी पुत्र को सरेआम डंडों से पीटकर गंभीर घायल कर दिया।
गांव कुंभिया माफी निवासी एक महिला का आरोप है कि खुटार के राकेश गुप्ता ने फर्जी बैनामे के आधार पर उसकी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। सवाल है कि महिला ने पुलिस को तहरीर दी थी तो पुलिस को मामले के निस्तारण के लिए राजस्व विभाग की मदद लेनी थी, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। महिला की ओर से कोई रिपोर्ट आदि भी दर्ज नहीं की गई और व्यापारी से कथित तौर पर रुपए ऐंठ लिए गए। इसके मामला चर्चा में आया तो व्यापारी पुत्र को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए सिपाही ने बीच बाजार कानूून को अपने हाथ में लेने से कोई गुरेज नहीं किया।
पुलिस पिटाई से व्यापारी पुत्र के गंभीर घायल होने के बाद जब व्यापारी के पक्ष में व्यापार मंडल सहित तमाम संगठनों के लोग और जनप्रतिनिधि लामबंद हुए तो पुलिस ने दबाव बनाने के लिए अवैध कब्जे का आरोप लगाने वाली महिला को थाने बुला लिया, लेकिन इस बात का जवाब एसओ से लेकर सिपाही तक के पास नहीं है कि बिना रिपोर्ट दर्ज किए व्यापारी पुत्र को सरे बाजार और थाने लाकर पिटाई क्यों की गई।
कहां थे अधिकारी लेकर दीवान
खुटार (ब्यूरो)। मानवाधिकार आयोग के सख्त निर्देश हैं कि किसी को थाने लाने से पूर्व उसे शिकायत के बारे में जानकारी दी जाएगी और पूछताछ के दौरान कतई प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। राहुल की पिटाई के मामले में सिपाही हर्ष कुमार और सलीम यह भूल बैठे कि वह पुलिसकर्मी हैं और लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। दोनों ने गुंडों की तरह आचरण करते हुए राहुल को दुकान से खींचकर बीच मार्केट में डंडों से जमकर पीटा और बाद में थाने लाकर निर्ममतापूर्वक पिटाई की गई। इस दौरान एसओ ट्रक लूटकांड में लिप्त लुटेरों को कोर्ट में पेश करने को शाहजहांपुर में थे, लेकिन सवाल है कि दरोगा और दीवान आदि ने राहुल को पिटने से क्यों नहीं बचाया?
सीसीटीवी में कैद हुई सिपाहियों की करतूत
खुटार। राहुल की पिटाई के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो सिपाहियों ने आरोप लगाया कि राहुल ने ही पहले गाली गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया। सिपाहियों का कहना था कि उन्होंने राहुल को नहीं पीटा है और हमला होने के बाद उसे पकड़कर थाने ले आए हैं। सिपाहियों का झूठ उस समय पकड़ में आ गया जब सीसीटीवी कैमरों ने उसकी पोल खोल दी।
दरअसल राकेश की दुकान में दो सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सिपाहियों के मारपीट करने के समय भी कैमरे ऑन थे और उसमें सारा वाकया कैद हो गया। व्यापारी ने व्यापार मंडल अध्यक्ष सहित तमाम लोगों को सीसीटीवी फुटेज दिखाईं।
कार्रवाई नहीं हुई तो आज से बंद रहेगा बाजार
खुटार। व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष मंगल मिश्रा ने कहा कि व्यापारी के साथ मारपीट को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोषी सिपाहियों को निलंबित नहीं किया और व्यापारी पुत्र को पीटने की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो पूरे जिले का व्यापारी आंदोलन को मजबूर होगा। खुटार व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि पुलिस रविवार दोपहर से व्यापारियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर बरगला रही है। रात में सात बजे तक दो सौ से अधिक व्यापारी, जनप्रतिनिधि थाने में जमा हैं। यदि सिपाहियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार से खुटार का बाजार अनिश्चितकालीन बंद कर आंदोलन को तेज किया जाएगा।
नेतागिरी चमकाने
में लगे रहे लोग
खुटार। व्यापारी पुत्र को पीटे जाने के मामले में थाने पहुंचे व्यापार मंडल के एक पदाधिकारी बार बार थानाध्यक्ष के आवास में जाकर उनको व्यापारियों की रणनीति के बारे में जानकारी देकर पुलिस की नजर में अपने नंबर बढ़वाने में लगे रहे। इस विवादित पदाधिकारी को व्यापारी कई बार दौड़ा चुके हैं। कुछ अन्य लोग भी मामले में राजनीति करते रहे।
गांव चमराबोझी की ग्याना देवी ने राकेश गुप्ता से रुपये उधार लिए थे। उसके ब्याज आदि में राकेश ने जमीन का बैनामा करा लिया। सिपाही हर्ष कुमार ने फैसला कराया था, जिस पर राकेश, ग्याना देवी को 40 हजार रुपये देने पर सहमत थे। रविवार को ग्याना देवी अपने पुत्र हरिओम के साथ रुपये लेने गईं तो राहुल ने अभद्रता की। उनकी सूचना पर सिपाही हर्ष कुमार और सलीम, राकेश की दुकान पर गए थे। सिपाही का आरोप है कि राहुल ने उसके साथ गाली गलौज, हाथापाई और पिटाई की। महिला, सिपाही और व्यापारी की तहरीर पर जांच कराई जा रही है।
-उमेश चंद्र शर्मा, सीओ पुवायां