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डोली चढ़कर दादी चलीं ससुराल

Fri, 04 Dec 2015 10:27 PM IST
शाहजहांपुर
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श्री राणी सती दादी मंदिर के स्थापना दिवस और दादी विवाह महोत्सव के अंतर्गत नगर में कलश यात्रा निकाली गई। इस अवसर महिलाओं ने दादी के भजनों पर खूब नृत्य किया।
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कलश यात्रा का शुभारंभ सुबह बाबा बनखंडी नाथ मंदिर से हुआ। महिलाओं ने सिर पर नारियल से सजा कलश रखकर भजन गाए और नृत्य भी किया। नानपारा से आए भक्त शानू ने कलाकारों के साथ भजन गाकर राणी दादी का गुणगान किया। कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कच्चा कटरा, चौक होते हुए कलश यात्रा घूरन तलैया स्थित दादी सती मंदिर पर संपन्न हुई। इसके बाद मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें शानू ने टीम के अन्य साथियों के साथ राणी सती दादी के जन्म, विवाह और सती होने से संबंधित प्रसंगों पर भजन सुनाकर वाहवाही लूटी। मंगलपाठ के बीच हुए भजनों के  कार्यक्रम में दादी और खाटू श्याम की झांकी सजाई गई।
झांकी से समक्ष गायकों ने दादी की किरपा जिस पर हो जाए, दादी का रुतबा बड़ा, डोली चढ़कर दादी चली ससुराल, कैसी सुंदर लगे आज दादी मेरी, कांती प्रसाद ने जीयो, जीयो दादी जी छप्पन भोग सजाया मैं, म्हाने झुनझुन बुलाले मेरी मां, मेंहदी ओ मेंहदी इतना बता दे, पारुल अग्रवाल और माला ने झुंझनू की सेठानी निहाल करसी, अर्चना और पूजा ने मेरा हाथ पकड़ ले रे मैया मन मेरो घबराय, सुनील और प्रतीक ने लायो थारी चूनड़ी करयो मां स्वीकार आदि भजन प्रस्तुत किए। इसी कड़ी मेें संगीता, वंदना, रचित, दिनेश, स्पर्श, नारायणी, राजीव, प्रदीप, कुणाल, अशोक, निधि, कविता, संगीता, सीमा, राना, श्वेता, सुषमा आदि ने भी भजन सुनाए।
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रात दस बजे आरती के बाद दादी और खाटू बाबा को छप्पन भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में डॉ. राजीव अग्रवाल, प्रतीक, कुणाल, सुनील, स्पर्श, डॉ. रवि मोहन, गोपाल राम अग्रवाल, कृष्णा, रमा, ज्योति, पूजा, ऊषा, कमलेश, अर्चना, पारुल, दिनेश, भोलू, प्रदीप, हितेश, अशोक अग्रवाल आदि का योगदान रहा।
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