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मुदित और मॉडल स्कूल हटा तो स्कूल नहीं जाएंगे बच्चे

Sat, 14 Mar 2015 08:11 PM IST
रोजा।
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ददरौल ब्लाक का प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय अकर्रा रसूलपुर का परिसर शनिवार को भी सूना पड़ा रहा। गांव के लोग बीएसए के खिलाफ लामबद्ध दिखे। खंड शिक्षा अधिकारी भगवानराव और एनपीआरसी रूफिया खान ने बच्चों को स्कूल भेजने का आग्रह किया, लेकिन गांववाले नहीं माने। ग्रामीणों का कहना है कि मॉडल स्कूल या प्रधानाध्यापक मुदित सेठ को हटाकर पंकज वर्मा की नियुक्ति हुई तो गांव का कोई बच्चा स्कूल नहीं जाएगा। बच्चे नहीं आने से एमडीएम नहीं बना और ऑनलाइन डेटा मांगे जाने पर जीरो दबाया गया।
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शनिवार को सुबह से ग्रामीण स्कूल गेट पर डट गए। खंड शिक्षा अधिकारी भगवानराव मौके पर पहुंचे। बीएसए ने मोबाइल फोन का स्पीकर ऑन करके ग्रामीणों से बात की। कहा कि उन लोगों की बात मान ली गई है, एमडीएम बनवाएं, वार्षिक परीक्षाओं में बच्चों को नियमित स्कूल भेजें। ग्रामीणों के लिखित आश्वासन दिलाने की बात कही। इस पर बीएसए ने ग्राम प्रधान सहित दो सभ्रांत लोग को लिखित आश्वासन देने के लिए बुलाया। प्रधान पति माया प्रकाश के साथ गांव वाले बीएसए से मिलने गये तो बीएसए ने कह कि मॉडल स्कूल अकर्रा से हटाकर कहीं और स्थानांतरित किया जाएगा।
इस संबंध में एडी बेसिक शशिदेवी शर्मा बताया कि मॉडल स्कूल अकर्रा रसूलपुर से स्थानांतरित करना बीएसए के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। ग्राम प्रधान रचना वर्मा ने बताया कि उन्होंने बीएसए द्वारा भ्रमित किए जाने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है।
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‘अकर्रा रसूलपुर के ग्रामीण चयन कमेटी द्वारा मॉडल स्कूल के लिए चयनित शिक्षकों से शिक्षण कार्य नहीं कराना चाहते हैं। इस वजह से वहां पर मॉडल स्कूल संचालित करना मुश्किल है। लिहाजा मॉडल स्कूल को स्थानांतरित करने के लिए कमेटी को प्रस्ताव देकर विद्यालय बदला जाएगा।’
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राजेश वर्मा, बीएसए
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