शाहजहांपुर। चल-अचल संपत्ति का विवरण नहीं देने पर हरदोई मुख्यालय से सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) समेत 86 कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। कर्मियाें के अनुसार, अंतिम दिन ही वेबसाइट पर लिंक जारी हुआ था। वह भी समय से नहीं चलने के चलते ब्योरा लोड नहीं हो सका।
शासन ने प्रत्येक विभाग में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों से 31 जनवरी तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। कर्मचारियों के अनुसार, परिवहन निगम के कर्मियों को अंतिम दिन ब्योरा अपलोड करने के लिए लिंक दिया गया। वह भी सही से चल नहीं सका।
इसके चलते कर्मचारी अपना ब्योरा जुटाकर अपलोड नहीं कर सके। पांच फरवरी होने पर कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं आने पर मुख्यालय पर संपर्क साधा गया तो वहां से वेतन रोके जाने की जानकारी दी गई। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि ब्योरा उपलब्ध नहीं कराने पर 89 कर्मियों में 86 का वेतन रोक दिया गया है। इसमें सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अरुण कुमार भी शामिल हैं। जबकि मात्र तीन लोगों ने अपना ब्योरा भरा तो उनकी सेलरी जारी कर दी गई है।
कर्मचारी नेता राजेश पांडेय ने बताया कि पोर्टल पर लिंक नहीं चलने की वजह से कर्मी अपना ब्योरा नहीं दे सके हैं। वेतन नहीं आने के कारण कर्मचारियों के सामने काफी दिक्कत आ जाएगी। बताया कि वेतन का मामला प्रदेश स्तर का है। प्रांतीय नेताओं ने अफसरों से वार्ता की है।
बैंक की किस्त समेत कई दुश्वारियों से घिरे कर्मचारी
परिवहन निगम के कर्मचारियों का वेतन नहीं आने से वह दुश्वारी में घिर गए हैं। कर्मचारी नेता विनोद मिश्रा बताते हैं कि कई कर्मचारियों की बैंक की किस्त चलती है। उनकी किस्त भी टूटने का डर है। कर्मचारियों को स्पष्ट जवाब भी नहीं मिल रहा है।
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हमने अपनी संपत्ति का ब्योरा दे दिया था। फिर भी वेतन रोक दिया गया। इसके अतिरिक्त अन्य कर्मचारियों का वेतन भी रोका गया है। इसके लिए मुख्यालय को अवगत कराया है।
- अरुण कुमार, एआरएम