राजकीय इंटर कॉलेज का मुख्य गेट। संवाद
शाहजहांपुर। राजकीय इंटर कॉलेज के सुंदरीकरण के लिए तीन करोड़ रुपये के प्रस्ताव को शासन स्तर से निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद दोबारा से प्रस्ताव बनाकर सहकारिता भंडारण निगम के माध्यम से भेजा गया। प्रस्ताव स्वीकार होने पर कॉलेज अलग ही कलेवर में नजर आएगा।
शहर के जीआईसी के पास पर्याप्त जमीन होने के बाद भी बजट के अभाव में संसाधन पूर्ण नहीं हैं। पुराना भवन होने के साथ कॉलेज के अंदर तक जाने के लिए मार्ग तक ठीक नहीं है। कॉलेज का कायाकल्प कराने के लिए डीएम के निर्देश पर आरईएस ने सर्वे करने के बाद एस्टीमेट तैयार कर नगर निगम के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भिजवाया था।
एस्टीमेट में हरित क्लास बनाई जानी थी, जिसमें झोंपड़ीनुमा या छप्परनुमा संरचना बनाकर पर्यावरण के अनुकूल माहौल में छात्रों को पढ़ाया जाना था। इसके अलावा सड़कें, चहारीदीवारी, एक अन्य गेट बनाने का कार्य करना प्रस्तावित था। स्मार्ट सिटी के तहत भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने अस्वीकृत कर दिया। इससे कॉलेज प्रबंधन को झटका लगा। जानकारी में आने के बाद डीएम के निर्देश पर सहकारिता भंडारण निगम के जरिये प्रस्ताव दोबारा भेजा गया है।
प्रधानाचार्य अनिल गंगवार ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत भेजा प्रस्ताव निरस्त हो गया है। अब दोबारा से प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि प्रस्ताव पास होकर बजट जारी होगा। इससे कॉलेज का कायाकल्प हो सकेगा।