सिख समाज ने अपने आराध्य गुरु गोविंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में दीवान सजाकर गुरु महाराज के दरबार में मत्था टेककर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।
कड़ाके की सर्दी केे बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे और युवा गुरुद्वारा पहुंचने शुरू हो गए थे। फूलों से सुसज्जित दरबार में सभी ने नतमस्तक होकर गुरु महाराज से आशीष लिया। सुबह के सत्र में सुखमनी साहिब और श्री अखंड पाठ की लड़ी का समापन किया गया। अखंड पाठ कराने वाले श्रद्धालुओं दर्शन सिंह माटा, परमजीत सिंह बग्गा, दलीप सिंह ढींगड़ा, जोगिंदर सिंह, हरविंदर सिंह बावा आदि को गुरुद्वारा प्रधान कमलेश कौर माटा, महामंत्री हरभजन सिंह दुआ, उपाध्यक्ष जुझार सिंह मोगा, रविंदर सिंह बग्गा आदि ने सरोपा भेंटकर सम्मानित किया।
इसी कड़ी में जसपाल सिंह, जसमीत कौर माटा, हरजीत कौर, प्यारा सिंह आदि ने सबद-कीर्तन किया। गुरु रामदास गुरमत संगीत विद्यालय रोजा के विद्यार्थियों ने भी सबद गायन किया। श्री हरिमंदिर दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी भाई गुरजिंदर वीर सिंह और उनके साथियों ने गुरुवाणी का पाठकर संगत को निहाल किया। गुरुद्वारा प्रधान कमलेश कौर माटा ने समूह संगत को प्रकाश पर्व की बधाई दी। समापन पर सभी ने लंगर छका।
समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं में करतार सिंह, दलीप सिंह ढींगड़ा, महेंदर सिंह, मंजीत सिंह ढीगड़ा, त्रिलोचन सिंह रावल, गुरमीत सिंह गांधी, गुरमीत सिंह बग्गा, राजेंदर कौर, हरजीत कौर, रानी ढींगड़ा, अवतार सिंह मोगा, रघुवीर कौर, अरविंदर सिंह, सुरेंदर सिंह, कुलदीप सिंह, गुरवचन सिंह माटा, रविंदर सिंह मोगा, दलजीत सिंह माटा, राजू बग्गा, शरनजीत कौर, गैगी माटा, जगजीत सिंह माटा आदि का योगदान रहा।