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Shahjahanpur News: सूख नहीं सकी बारिश में भीगी धान की फसल, बेचने में आ रही परेशानी

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चांदपुर क्षेत्र में गिरी गन्ने की फसल। संवाद 
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शाहजहांपुर। दो दिन पहले तेज हवा के साथ हुई बारिश में भीगकर खेतों में गिरी धान की फसल और मंडियों में भीगे धान के ढेर पर्याप्त धूप नहीं निकलने से बुधवार को भी सूख नहीं सके। दिनभर बादल छाए रहने के कारण भीग चुके धान को सूखने में अभी कई दिन लग सकते हैं। इस बीच मंडियों में धान की आवक ठप हो जाने से अधिकांश क्रय केंद्रों पर सन्नाटा रहा और सरकारी खरीद भी ठप रही।
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जलालाबाद मंडी के 13 क्रय केंद्रों पर शुरू नहीं हो सकी खरीद
जलालाबाद। मंडी परिसर में खुले विभिन्न एजेंसियों के 13 सेंटरों पर पांच दिन बीतने के बाद बुधवार को भी धान खरीद की शुरुआत नहीं हो सकी। फसल भीग जाने से मंडी में धान बहुत कम मात्रा में पहुंच रहा है। जो काश्तकार धान लेकर पहुंच रहे हैं, उनकी उपज में नमी बहुत ज्यादा होने से केंद्र प्रभारी उसकी तौल नहीं करा रहे हैं। मजबूरी में किसान आढ़तों पर सस्ते में धान बेच रहे हैं। मंडी पहुंचने वाले ज्यादातर किसान धान को सुखाने मे लगे हैं। हालांकि, मंडी में इन दिनों मक्का की आवक काफी ज्यादा हो रही है। मंडी सचिव विक्रम वाजपेयी ने बताया कि अभी सेंटरों पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है। संवाद

तेज हवा में धान के साथ गन्ने की फसल भी हुई बर्बाद
कांट। बारिश के दौरान तेज हवा के कारण क्षेत्र के कई गांवों में न केवल धान, बल्कि तमाम खेतों में गन्ने की फसल भी गिर गई है। इससे गन्ने की पैदावार कम होने की आशंका से किसान परेशान हैं। गांव बरुआ बुजुर्ग, अभायन, बहलोलपुर आदि गांवों में कई किसानों की धान के अलावा गन्ने कि फसल भी गिर गई है। कई किसानों ने ऊंची रकम से ठेके पर खेत लेकर फसलें बोईं थीं। उन्हें सरकार से नुकसान का मुआवजा मिलने की भी उम्मीद नहीं है। संवाद
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धान और गन्ने की दोहरी क्षति से किसान मायूस
चांदपुर। बारिश और तेज हवा में धान के साथ गन्ना की फसल चौपट होने की दोहरी क्षति से किसान बेहद मायूस हैं। सोमवार की रात तेज हवाओं के संग हुई बारिश से धान और गन्ने की फसल बर्बाद हो जाने से किसान भविष्य को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र में अभी धान की कटाई नहीं होने से फसल खेतों में ही है। गन्ने भी पूरी तरह परिपक्व होने से पहले ही गिर गया। करीब 80 फीसदी दोनों फसलें गिर जाने से उनके खराब होने का डर है क्योंकि बादल छाए रहने और धूप कम निकलने से फसल सूख नहीं सकी। संवाद

निगोही के कई गांवों के खेतों में दिख रहा फसल की बर्बादी का मंजर
निगोही। तेज़ हवा के साथ हुई बारिश के बाद क्षेत्र के कई गांवों में धान की फसल की बर्बादी का मंजर दिख रहा है। खेतों पर गए किसान भी मायूस होकर घरों को लौट रहे हैं। राघवपुर सिकंदरपुर के रहीस पाल यादव ने बताया कि दस बीघा खेत में धान की फसल पानी में भरे खेत में गिरकर बर्बाद हो गई। तालगांव, लोहरगवां, धुल्लिया आदि गांवों में भी बारिश और तेज हवा से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार ने बताया कि लेखपालों से फसली नुकसान का सर्वे जल्द कराया जाएगा। संवाद

किसान बोले- अब तो लागत भी निकलना होगा मुश्किल-
हमारा आधा एकड़ गन्ना तेज हवा से खेत में गिर गया। इससे चीनी परता में कमी आने से नुकसान होगा। गन्ना बेचकर मकान बनाने का इरादा था, लेकिन अब लागत निकालना मुश्किल होगा। -रामू कश्यप, बरगदिया (खुटार)

15 बीघा में लगाया गन्ना बेचकर बच्चों की बकाया फीस जमा करने की योजना बनाई थी, लेकिन फसल गिर जाने से भविष्य के सारे इरादों पर पानी फिर गया है। बच्चों की फीस की फिक्र बढ़ गई है। -रिंकू शुक्ला, बरगदिया (खुटार)

चांदपुर क्षेत्र में गिरी गन्ने की फसल। संवाद 

चांदपुर क्षेत्र में गिरी गन्ने की फसल। संवाद 

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