मिश्रीपुर में दरगाह पर चादरपोशी करने जाते अकीदतमंद। स्रोत: आयोजक
भावलखेड़ा। मोहल्ला मिश्रीपुर में हजरत मिश्री खान दादा मियां के दो रोजा सालाना उर्स का समापन हो गया। इस दौरान मशहूर कव्वालों ने अपने कलामों से समा बांध दिया।
मंगलवार देर रात दरगाह परिसर में हुए जलसे में इमाम जाकिर खान ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम को पूरी दुनिया के लिए रहमत बनाकर अल्लाह ने भेजा था। इसलिए उनके जरिये दी गई तमाम हिदायतें और शिक्षा पूरी इंसानियत के लिए नेमत हैं। हरदोई से आए मुफ्ती अकमल ने कहा कि इस्लाम अमन, शांति और मोहब्बत का पैगाम देता है। हाफिज मुईज ने भी तकरीर की।
शायद राशिद निजामी और सोहेल बरकती ने नातिया कलाम पेश किए। इस बीच कुल शरीफ की महफिल सजाई गई। कुरान की तिलावत कर मुल्क की तरक्की के लिए दुआ की गई। देर रात दिल्ली से आए कव्वाल रियाज साबरी व रामपुर के कव्वाल शारिक चिश्ती ने अपने कलामों से धूम मचा दी।
अकीदतमंदाें ने दरगाह पर चादरपोशी व गुलपोशी की। उर्स की व्यवस्था में वाहिद खान, शकील खान, उस्मान खान, प्रधान रूपराम, वीरेश सिंह चौहान, रिजवान, मोहम्मद यासीन आदि शामिल रहे। अंत में आयोजक तहजीब खान आभार व्यक्त किया। संवाद