शाहजहांपुर। पितृ पक्ष के कारण वाहनों और जमीनों की खरीदारी में कमी आई है। ऐसे में व्यापारियों को नवरात्र में बाजार चमकने से भरपाई की उम्मीद है।
उप निबंधक कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में 2071 बैनामा हुए। इसमें नौ करोड़ 36 लाख से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई। अगस्त माह में 1597 बैनामा हुए। इसमें सात करोड़ 52 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
15 सितंबर तक 621 बैनामा ही हुए हैं। इनमें दो करोड़ 68 लाख रुपये के राजस्व प्राप्त हुआ। यह पिछले दो माह के मुकाबले सितंबर के 15 दिन में जमीन का क्रय-विक्रय काफी कम हुआ है। 23 सितंबर से नवरात्र शुरू हो रहे है। संभावना जताई जा रही है कि इस दौरान क्रय-विक्रय बढ़ जाएगा।
पितृ पक्ष में राजस्व में हुए घाटे की कुछ भरपाई होने की संभावना जताई जा रही है। सब रजिस्टार अरुण गुप्ता के मुताबिक पितृ पक्ष के दौरान क्रय-विक्रय काफी कम होता है। इसका असर दिखाई दे रहा है। अब तक काफी कम राजस्व प्राप्त हुआ है।
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वाहनों की खरीदारी में आई काफी कमी
एआरटीओ सर्वेश कुमार ने बताया कि जुलाई में 2416 दो पहिया और 210 चार पहिया वाहनों की बिक्री हुई। अगस्त माह में 2365 दो पहिया और 214 चार पहिया वाहनों की बिक्री हुई थी। 15 सितंबर तक 658 दो पहिया वाहन और 29 चार पहिया वाहनों की बिक्री हुई है। सितंबर में वाहनों की बिक्री का आंकड़ा काफी कम है। इसके पीछे पितृ पक्ष का असर माना जा रहा है। जीएसटी के नए स्लैब 22 सितंबर से लागू होने वाले है। इसमें वाहनों के दाम कम हो रहे हैं, इसलिए भी लोग वाहनों की खरीदारी नहीं कर रहे हैं। बुकिंग की संख्या में इजाफा हो रहा है। लोग नवरात्र में वाहन की डिलीवरी लेंगे।
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पितृ पक्ष में दान करने के लिए खरीदा जाता है नया सामान
फूलमति मंदिर चौक के पुजारी पंडित विजय गिरि ने बताया कि पितृ पक्ष में दान-पुण्य करने के लिए नया सामान खरीदा जाता है। इसके अलावा लोग नया सामान कम खरीदते हैं।
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खरीदारी कम होने से राजस्व में आती है कमी
राज्यकर उपायुक्त प्रवेश तोमर ने बताया कि पितृ पक्ष में खरीदारी कम होने से राजस्व संग्रह में कमी आती है, लेकिन इसकी भरपाई नवरात्र में हो जाती है। जीएसटी के नई दरें 22 सितंबर से लागू हो रहा है। इसके बाद बिक्री बढ़ने से राजस्व संग्रह में इजाफा होगा।