शाहजहांपुर का नगर निगम कार्यालय । संवाद
शाहजहांपुर। न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन स्वरांगी शुक्ला ने गायत्री प्रकाश अवस्थी बनाम चेयरमैन नगर पालिका परिषद आदि के वाद में स्थायी लोक अदालत के आदेश के बावजूद वाद व्यय और हर्जाना न देने पर नगर निगम की चल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। स्थायी लोक अदालत ने पांच सितंबर 2019 को नगर आयुक्त, संयुक्त नगर आयुक्त को वादी गायत्री प्रकाश अवस्थी को दस हजार पांच सौ रुपये की धनराशि देने का आदेश दिया था। अब सिविल जज ने ब्याज समेत 15 हजार 645 रुपये की चल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।
शहर के मोहल्ला भाटनटोला निवासी एडवोकेट गायत्री प्रकाश अवस्थी ने चौक क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति किए जाने पर वर्ष 2015 में तत्कालीन नगर पालिका परिषद के चेयरमैन, अधिशासी अधिकारी, इंचार्ज जलकल विभाग के खिलाफ स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। गायत्री प्रकाश के मुताबिक, दूषित पानी पीकर कई लोग बीमार पड़ गए थे। अदालत ने पांच सितंबर 2019 को नगर आयुक्त, संयुक्त नगर आयुक्त को वादी गायत्री प्रकाश को शारीरिक-मानसिक कष्ट, वाद व्यय व हर्जाने के रूप में दस हजार पांच सौ रुपये की धनराशि निर्णय की तिथि से दो माह के अंदर अदा करने का आदेश दिया था। धनराशि न देने पर सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से धनराशि देने का आदेश दिया था।
न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने पर डिक्रीदार गायत्री प्रकाश अवस्थी ने सिविल जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय ने पत्रावली पर सुनवाई करने के बाद पाया कि डिक्रीदार को वांछित धनराशि अभी प्राप्त नहीं हुई है। नगर निगम के अधिकारी न तो न्यायालय में उपस्थित हुए और न ही कोई आपत्ति दाखिल की। मामले में वांछित धनराशि को देखते हुए चल संपत्ति को कुर्क किया जाना न्यायोचित है। सिविल जज ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए संबंधित अमीन को कुर्की परवाना जारी करने का आदेश दिया है कि वह निर्णीत ऋणी के कार्यालय की चल संपत्ति जिसका सात प्रतिशत ब्याज के साथ मूल्य 15 हजार 645 रुपये से अधिक न हो, कुर्क करें। मामले की अगली तारीख 20 मार्च को लगाई गई है।
अभी मैं बाहर हूं। वापस आने पर न्यायालय के आदेश के बारे में जानकारी की जाएगी। न्यायालय का सम्मान करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त