पुवायां। गांव सिंघापुर खास के पूर्व प्रधान, वर्तमान प्रधान, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा व लघु सिंचाई के जेई और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) लोकायुक्त की जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग के दोषी पाए गए हैं। प्रशासन अब दोषियों से सरकारी धन की वसूली करेगा।
गांव सिंघापुर खास निवासी श्रीकृष्ण ने गांव में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर उन्होंने 12 अक्तूबर 2022 को लोकायुक्त को पत्र देकर जांच और कार्रवाई की मांग की। लोकायुक्त ने डीएम को मामले की जांच कराके आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया। डीएम के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व त्रिभुवन ने जिला विकास अधिकारी, डीपीआरओ, बीडीओ पुवायां और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के जेई की एक टीम बनाकर जांच कराई।
टीम ने दो नवंबर 2022 को गांव सिंघापुर के पंचायत भवन में खुली बैठक बुलाकर विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली थी और स्थलीय जांच की थी। इसके बाद 11 नवंबर को भी जांच की गई थी। जांच में गलत वर्क आईडी पर नियम विरुद्ध तरीके से 55,730 रपये का भुगतान करने के लिए वर्तमान ग्राम प्रधान सोनी देवी, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी रामबहोरन चौधरी, पूर्व ग्राम प्रधान संजीव कुमार, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के तत्कालीन जेई शंकरलाल, लघु सिंचाई विभाग के तत्कालीन अवर अभियंता विजेंद्र सिंह को दोषी पाया गया।
इसके अलावा 58,172 रुपये अनधिकृत फर्म को भुगतान करने की भी पुष्टि हुई है। सरकारी धन की रिकवरी के लिए पत्र ब्लॉक मुख्यालय पर आ चुका है। एडीओ पंचायत मोहम्मद यूनुस ने बताया कि चार दिन पहले रिकवरी के लिए पत्र मिल चुका है। नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
इन मामलोंं में पाया गया घपला
हैंडपंप मरम्मत में वर्ष 2021-22 में 11 हैंडपंपों की मरम्मत में 44,235 और वर्ष 2022-23 में 19 हैंडपंपों की मरम्मत में 95,592 कुल 139828 रुपये खर्च दिखाया गया है। इस राशि में छह सितंबर 2021 को 25,718 से छह हैंडपंपोंं की मरम्मत कराना दर्शाया गया है। इस राशि का भुगतान गलत वर्क आईडी पर प्राथमिक स्कूल नौहा में मरम्मत कार्य की वर्क आईडी पर भुगतान के लिए प्रधान और सचिव समान रूप से दोषी पाए गए हैं। इसके अलावा पंचायत भवन में दरवाजों आदि की ऊंचाई मानक के अनुरूप कम पाई गई। पंचायत भवन में 42595 रुपये का कार्य कम पाया गया। सामुदायिक शौचालय में भी कार्य मानके के अनुरूप नहीं पाया गया। यहां 13135 रुपये का कार्य कम पाया गया।
अनधिकृत फर्म को भुगतान करने का आरोप
लोक आयुक्त को भेजी गई जांच रिपोर्ट में अधिकारियों ने लिखा है कि माया देवी कांट्रेक्टर जनरल आर्डर सप्लायर फर्म है। लेकिन यह फर्म ब्लीचिंग पाउडर, सेनिटाइजर की आपूर्ति के लिए अधिकृत नहीं है। ग्राम पंचायत ने इसकी जांच किए बिना ही फर्म से ब्लीचिंग पाउडर और सेनिटाइजर लिया और तीन बार में 58172 रुपये फर्म को भुगतान कर दिए। इसके लिए प्रधान सोनी देवी और ग्राम विकास अधिकारी रामबहोरन समान रूप से दोषी हैं। उधर फर्म माया देवी ठेकेदार की ओर से ब्रजेश पांडे ने बताया कि उनकी फर्म ब्लीचिंग पाउडर और सेनिटाइजर सप्लाई के लिए अधिकृत है। अधिकारियों ने गलत रिकॉर्ड निकाला है।
-
नहीं हुआ कोई घपला, शिकायत निराधार
गलत वर्क आईडी पर भुगतान त्रुटिवश हो गया था। पंचायत घर में अधिक मिट्टी भराव के चलते दरवाजे की ऊंचाई कम दिखती है। मायादेवी फर्म के कागज अधिकृत होने के कारण उनसे फर्म के कागज नहीं लिए गए थे। यूरिनल लगाए गए थे, जो गांव के लोगों ने तोड़ दिए हैं। कहीं कोई घपला नहीं है। - सोनी देवी, प्रधान सिघांपुर खास
होगी सरकारी धन की रिकवरी
गांव सिंघापुर खास में शिकायत की जांच कर रिपोर्ट अधिकारियों को दी गई थी। इस मामले में सरकारी धन की रिकवरी के लिए पत्र जारी हो चुका होगा। फाइल देखकर सही जानकारी दी जा सकती है। - घनश्याम सागर, डीपीआरओ शाहजहांपुर