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Shahjahanpur News: जमाकर्ताओं की लाखों की रकम लेकर लापता हो गया पोस्टमैन

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अल्हागंज के डाकघर के बाहर एकत्र भीड़। संवाद
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अल्हागंज। उप डाकघर में तैनात एक पोस्टमैन जमाकर्ताओं से लाखों की रकम नकद लेने के बाद उन्हें फर्जी जमा रसीदें थमाकर भाग गया। कई लोगों से इस तरह की वित्तीय धोखाधड़ी किए जाने से डाकघर में लाखों रुपये की जमा रकम की हेराफेरी किए जाने की आशंका है। खातेदारों की शिकायत पर शनिवार को पुलिस ने डाकघर जाकर उप डाकपाल से पूछताछ की, लेकिन अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
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पुलिस को खातेदारों से पूछताछ और आरंभिक जांच से पता चला कि डाक विभाग से संचालित एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद), कन्या सुमंगला आदि योजनाओं में जमा रकम की हेराफेरी की गई है। खातेदारों का आरोप है कि उन्हें फर्जी पासबुक और रसीदें थमा दी गईं, जबकि असल में उनकी जमा धनराशि खातों में दर्ज ही नहीं की गई।
शनिवार को जब कुछ लोग अपने खातों की जानकारी लेने डाकघर पहुंचे तो वहां के कर्मचारियों ने पासबुक और जमा पर्चियों को फर्जी बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया। कई लोगों को इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने का हवाला देकर लौटा दिया गया।
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फर्जीवाड़े का सूत्रधार माना जा रहा पोस्टमैन
जमाकर्ताओं के अनुसार डाकघर में तैनात एक पोस्टमैन फर्जीवाड़े का सूत्रधार है। वह पिछले कई वर्षों से इंटरनेट न चलने का बहाना बनाकर सीधे नकद राशि लेता था और फर्जी रसीद थमा देता था। फिलहाल वह चार दिन से लापता है और उसका मोबाइल फोन भी बंद है। डाकघर को मुख्य बाजार से अपने मोहल्ले में स्थानांतरित कराने में भी इसी पोस्टमैन की भूमिका बताई गई।


कई लोगों की लाखों की जमा पूंजी फंसी
अशरफपुर गांव के नीरजेश पाठक के अनुसार उन्होंने और परिवार के अन्य सदस्यों ने डाकघर में 72 लाख रुपये की एफडी करवाईं। परिपक्वता पर भुगतान लेने पहुंचे, तो पासबुक को ही फर्जी बता दिया गया। इसी गांव के वेद प्रकाश शुक्ला ने 1.25 लाख रुपये की एफडी कराई, लेकिन उन्हें अपने खाते का विवरण नहीं मिल रहा है। अशरफपुर की शीला देवी के अनुसार पांच लाख रुपये जमा करने पर मोहर लगाकर पासबुक दी गई, लेकिन डाकघर के एक लिपिक ने पासबुक फर्जी बताई है। हरदोई के कनकापुर निवासी संजय कुमार ने 12 लाख रुपये की एफडी कराई, लेकिन उसे उप डाकपाल ने फर्जी बता दिया। व्यापारी केशव त्रिपाठी ने बताया कि भांजी के नाम कन्या सुमंगला योजना के तहत खाता खुलवाकर 10 हजार रुपये जमा किए थे। पासबुक में प्रविष्टि है, पर बैंक के स्टेटमेंट में जमा राशि नहीं दर्शाई जा रही। नन्हीं देवी के अनुसार उनकी बहू ने बेटी की शादी के लिए 80 हजार रुपये जमा किए, लेकिन यह रकम डाकघर में दर्ज नहीं है।


कुछ लोग जमा रकम की जानकारी लेने आए थे, लेकिन इस बारे में संबंधित कर्मचारी ही बता सकते हैं। मामले की जांच होने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।
-नवीन कुमार, उप डाकपाल, अल्हागंज

इस मामले में शनिवार शाम एक तहरीर प्राप्त हुई है। मामला बैंकिंग और डाकघर से वित्तीय लेनदेन में घपले से जुड़ा हुआ है। जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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-ओम प्रकाश, थाना प्रभारी, अल्हागंज
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