जलालाबाद (शाहजहांपुर)। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के चुनाव में वोटों की गिनती में गड़बड़ी किए जाने को लेकर पूर्व चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता की ओर से दायर की गई याचिका को अपर जनपद एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इस निर्णय के बाद फिलहाल मौजूदा चेयरमैन शकील अहमद के पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो गया है।
2023 के नगर पालिकाध्यक्ष के चुनाव में सपा के शकील अहमद ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी तथा पूर्व चेयरमैन मनेंद्र गुप्ता को 24 वोट से हरा दिया था। मतगणना के दौरान गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए मनेंद्र गुप्ता ने मई 2023 में जिला न्यायालय की शरण ली और मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसके परिणाम को चुनौती दी थी।
दायर याचिका में कहा गया था कि उनके 592 वैध मतों को अनुचित तरीके से निरस्त कर दिया गया है। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला न्यायाधीश नुसरत खान ने मनेंद्र गुप्ता की याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। चेयरमैन शकील अहमद ने बताया कि याचिका को न्यायाधीश ने यह कहकर निरस्त कर दिया कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह सही पाई गई।
न्यायालय के इस फैसले के बाद नगर पालिका परिषद के चेयरमैन पद के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। याचिका निरस्त होने के बाद चेयरमैन शकील अहमद के समर्थकों में उत्साह और खुशी का माहौल है। शकील ने कहा है कि कोर्ट के निर्णय ने सच को सबके सामने लाकर रख दिया है। वह इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट है। अब इस प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर लोगों की निगाहें लग गईं हैं। वहीं, मनेंद्र सिंह ने कहा कि वह निर्णय के आदेश की प्रति मिलने पर अगले कदम के बारे में निर्णय लेंगे।