विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में जिला स्वास्थ्य विभाग और जीएफ कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
प्रतियोगिता में मेजबान कॉलेज के दानियाल खां को प्रथम, सबा को द्वितीय तथा अंशिका मिश्रा को तृतीय स्थान मिला। आर्य महिला कॉलेज की छात्रा दिव्या शुक्ला को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. अनवर मसूद, डॉ. जमील अहमद, डॉ. अमरीन इकबाल शामिल रहे।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. अकील अहमद ने कहा कि शिक्षित समाज ही रोगमुक्त समाज का निर्माण कर सकता है। छात्र-छात्राओं की जिम्मेदारी है कि वह समाज को जागरूक करें। सरकार को एड्स के साथ-साथ अन्य गंभीर बीमारियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि जिला चिकित्सालय में सरकार की तरफ से एड्स की मुफ्त जांच की व्यवस्था है तथा इलाज भी उपलब्ध है।
इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक ‘एड्स को जान-तभी बचेगी जान’ का मंचन किया गया। डॉ. जीए कादरी द्वारा लिखित एवं निर्देशित इस नाटक में एड्स फैलने के कारणों एवं उसके भयावह परिणामों को दिखाया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवियों जूलोजिकल सोसाइटी का विशेष योगदान रहा। डॉ. स्वप्निल यादव के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. इशरत अल्ताफ, डॉ. फैयाज अहमद, डॉ. रेहानुर्रहमान, डॉ. असन रशीद, डॉ. सुहेल नकवी, डॉ. आयशा जेबी, डॉ. अरशद खान, डॉ. शबाना, डॉ. सईद अख्तर आदि मौजूद रहे।