बरेली। शहर में शुक्रवार को माहौल भड़काने वाले आईएमसी नेता और मौलाना के करीबी अंडरग्राउंड हो गए हैं। संबंधित थानों की पुलिस इनकी तलाश में दबिश दे रही है तो एलआईयू इनकी भूमिका की जांच कर रही है। इनके निगरानी कार्ड भी जारी करने की तैयारी है।
भड़काऊ बयानों और सोशल मीडिया पर मेसेज व पोस्ट भेजकर आईएमसी प्रमुख की नजरों में कद बढ़ाने वाले कई पार्टी पदाधिकारी व नेता मुकदमों में नामजद होने के बाद जेल जा चुके हैं। कई नामजदों की गिरफ्तारी शेष है तो तीन हजार से ज्यादा अज्ञात लोगों की भीड़ को चिह्नित कर मुकदमे में नाम खोलना भी चुनौती है। पुलिस नामजदगी बढ़ाने के बाद आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। वहीं खुराफात करने वाले घरों से भाग गए हैं। कुछ के घरों में ताले लगे हैं तो कुछ के घरों में महिलाएं व बच्चे ही हैं।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि वीडियो देखकर यह तय किया जा रहा है कि जुलूस में ज्यादा आक्रमकता किसने दिखाई दी। ऐसे लोगों को चिह्नित करने में एलआईयू भी लगी है। एलआईयू इन्हें निगरानी कार्ड जारी करेगी। इसके बाद वह जीवन भर खुफिया अमले की नजर में रहेंगे और समय समय पर उनकी मॉनीटरिंग व परेड कराई जाया करेगी। ब्यूरो
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मौलाना व नफीस की खुल चुकी है फाइल
- एलआईयू ऐसे गंभीर मामलों में पहले आरोपियों का निगरानी कार्ड जारी करती है। किसी व्यक्ति की खुराफात फिर भी बंद न होने पर उसकी अलग से विशेष पत्रावली (फाइल) खोली जाती है। फिलहाल मौलाना तौकीर व उसके करीबी डॉ. नफीस की फाइल काफी समय से खुली हुई है।
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आईएमसी के 77 सक्रिय सदस्य और नेता रडार पर
- पुलिस के मुताबिक आईएमसी के 77 सक्रिय सदस्यों व पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इनमें से कई उस दिन बवाल में शामिल थे और विभिन्न स्थानों पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी व हमले किए थे। अब पुलिस उस दिन इनकी सर्विलांस डिटेल निकालने के साथ ही सीसी फुटेज से सक्रियता का पता लगाने में जुटी है। स्थिति स्पष्ट होने के बाद मुकदमों में इनका नाम बढ़ाया जाएगा, साथ ही गिरफ्तारी भी की जाएगी। इज्जतनगर थाना क्षेत्र परतापुर निवासी आईएमसी का पूर्व पदाधिकारी हार्टमन स्कूल के पास रहने वाले अपने गुर्गों को लेकर प्रदर्शन में आया था, इनके कई वीडियो वायरल हुए। अब ये लोग दिल्ली भाग गए हैं। फतेहगंज पश्चिमी के कुरतरा गांव निवासी कुछ स्मैक तस्कर व अपराधी छवि के लोग भी मौलाना के बुलावे पर बरेली आए और विरोध किया। सूत्रों के मुताबिक गांव लौटकर ये लोग अब डींगें मार रहे हैं। इनके साथ ही फरीदपुर कस्बे का एक चर्चित डॉक्टर भी घटना के बाद से ही घर छोड़कर भागा हुआ है।
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वसूली की शिकायत पर भड़के कप्तान, हवालातें खाली
बवाल से जुड़े मामलों में बारादरी, कोतवाली, सीबीगंज, किला व कैंट आदि थानों की पुलिस ने धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया है। लगभग रोज ही ताबड़तोड़ गिरफ्तारी व चालान की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान एसएसपी अनुराग आर्य को शिकायत मिली कि कई लोगों को हवालात में ज्यादा दिन तक बैठाकर वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। आरोप था कि कई लोग रुपये देकर छूटे हैं, लेकिन बदनामी व कार्रवाई के डर से खामोश हैं। बुधवार रात एसएसपी ने ऑनलाइन मीटिंग के दौरान इस मुद्दे पर पुलिस की क्लास लगा दी। उन्होंने बताया कि अगर कहीं वसूली की आरोप जांच में सही मिला तो वह संबंधित थानेदार व स्टाफ को निलंबित कर देंगे, साथ ही रिपोर्ट दर्ज करा देंगे। पुलिस को निर्देश दिए हैं कि बवाल के मामले में सही जानकारी जुटाकर आरोपी पकड़ें, पूछताछ में आरोप साबित होने पर उसका उसी दिन चालान कर दें, फिजूल में उसे हवालात में बैठाना ठीक नहीं है।