शुक्रवार को नवीन शैक्षिक सत्र शुरू होने से स्कूलों में एकबार फिर रौनक लौट आई। पहले दिन बच्चे नई ड्रेसों में सजधज कर स्कूल पहुंचे। इस बीच उन्हें नई क्लास में भी बैठाया गया। हालांकि पहले दिन कापी किताबें न होने से पढ़ाई-लिखाई नहीं हुई। बच्चों ने पहला दिन खेलकूद में ही बिताया। पहली अप्रैल को नवीन शैक्षिक सत्र शुरू होते ही स्कूलों में रौनक लौटने लगी। अभिभावकों के साथ बच्चे स्कूलों में पहुंचे और नई क्लास के लिए कापी किताबों के लिए परेशान होते दिखे। कोई नए क्लास की किताबों का सेट लेने में लगा रहा तो कुछ यूनिफार्म और शुल्क के लिए इधर-उधर भटकते दिखे। परिषदीय स्कूलों में सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत शिक्षक- शिक्षिकाएं स्कूल में बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए जनसंपर्क करते रहे, वहीं शहर में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अभिभावक कापी-किताबों के लिए लाइन में लगे दिखाई पड़े। अधिकांश अभिभावक सत्र के पहले दिन शुल्क भी जमा करने पहुंचे। इधर, गली-कूंचों में भी छात्र-छात्राएं यूनिफार्म पहने और कंधे पर बस्ता लटकाए स्कूल जाते दिखे। आपस में बातें करते बच्चों में स्कूल जाने के लिए खासा उत्साह था। स्कूलों में कई दिनों के बाद प्रार्थना के लिए घंटी सुनाई दी। छात्र-छात्राओं ने प्रार्थना के बाद नई कक्षा में प्रवेश किया। विद्यार्थियों का पहला दिन बतकही में और टीचर्स का पहला दिन रजिस्टर आदि तैयार करने में बीता।
मनोकरण स्कूल के बच्चों ने निकाली रैली
मनोकरण जूनियर हाई स्कूल की ओर से रेती क्षेत्र में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्कूल चलो रैली निकाली गई। प्रधानाचार्य जेपी मिश्र ने रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजन में रामपाल त्रिवेदी, पूनम मौर्य, जुगुल किशोर सत्यार्थी, सुशील त्रिवेदी, विमलेश मिश्र, बालकराम आदि का योगदान रहा।