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Shahjahanpur News: नगर निगम संभाल नहीं पा रहा पथ प्रकाश व्यवस्था

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​शिवओम सक्सेना।
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शाहजहांपुर। ई-स्मार्ट कंपनी से अनुबंध निरस्त होने के बाद नगर निगम संसाधनों की कमी के कारण स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था संभाल नहीं पा रहा है। नगर निगम की नाकामी से स्ट्रीट लाइटें दिन में जल रहीं हैं तो कई जगहों पर रात में अंधेरा पसरा रहता है। अब तक दूसरी कंपनी को जिम्मेदारी न सौंपे जाने के कारण जनता परेशान है। नगर निगम दूसरी कंपनी की तलाश शुरू करने का दावा कर रहा है। वहीं, अनुबंध निरस्त होने के बाद ई-स्मार्ट कंपनी अदालत की शरण में पहुंच गई है।
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वर्ष 2018 में नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की देखभाल के लिए ई-स्मार्ट कंपनी से अनुबंध किया गया। इसके एवज में ई-स्मार्ट कंपनी को प्रतिमाह 38 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद भी शहर की प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं हुई। इस पर 38 पार्षदों ने ई-स्मार्ट कंपनी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया।
वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना और महापौर अर्चना वर्मा ने भी आपत्ति जताई तो इसके बाद कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया गया। बगैर नोटिस दिए अनुबंध निरस्त करने पर कंपनी ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी। 25 अक्तूबर को नगर निगम बोर्ड की बैठक में 40 पार्षदों ने वैकल्पिक व्यवस्था न होने तक ई-स्मार्ट कंपनी से काम कराए जाने की बात की।
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पार्षदों का कहना था कि स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के लिए नगर निगम के पास तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। 14 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था 34 कर्मचारियों के भरोसे है। इस वजह से शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था चरमरा गई है। रोजाना स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायतें नगर निगम में पहुंच रहीं हैं।
नगर निगम खुद प्रकाश व्यवस्था को ठीक नहीं कर पा रहा तो दूसरी कंपनी को जिम्मेदारी देने की कवायद भी शुरू नहीं की गई है। सर्दी के मौसम में कोहरा पड़ने पर स्ट्रीट लाइटों के काम न करने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

पार्षदों का नजरिया
नगर निगम ने प्रकाश व्यवस्था संभालने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी तौर पर संसाधनों का अभाव होने की वजह से व्यवस्था कारगर नहीं हो रही है। नगर निगम को ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।
- शिवओम सक्सेना

नगर निगम को स्ट्रीट लाइट व्यवस्था देखनी है तो कर्मचारियों की संख्या के साथ तकनीकी साधन भी पूरे करने होंगे। नहीं तो किसी कंपनी को ही इसकी जिम्मेदारी देनी होगी।
- अनूप गुप्ता

नगर निगम ने दीपावली पर प्रयास किया, लेकिन पूरे शहर की व्यवस्था इतने कम कर्मचारियों और संसाधनों में मुश्किल है। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी पड़ेगी।
- रूपेश कुमार वर्मा, अन्नू

14 हजार स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की देखरेख करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना जरूरी है। देखरेख करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को भी सही से जिम्मेदारी संभालनी पड़ेगी।
- रामबरन सिंह चंदेल

निगम की ओर से 34 कर्मचारी स्ट्रीट लाइट की देखभाल के लिए लगाए गए हैं। बोर्ड मीटिंग में हुए फैसले के अनुसार शहर की विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए किसी कंपनी को स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को सौंपा जाएगा। इसके लिए प्रकिया शुरू की जा रही है।
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- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त

शिवओम सक्सेना।

शिवओम सक्सेना।

शिवओम सक्सेना।

शिवओम सक्सेना।

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