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Shahjahanpur News: 43 वार्डों में कूड़ा संग्रह समितियां नहीं बना सका नगर निगम...सफाई व्यवस्था बदहाल

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सूरज, महमंद हद्दफ।
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शाहजहांपुर। नगर निगम की ओर से शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने और लोगों को जागरूक करने के लिए कूड़ा संग्रह समितियां गठित करने की कवायद चार साल बाद भी अधूरी है। 60 में से केवल 17 वार्डों में 40 समितियों का गठन हो सका है। अब भी 43 वार्ड ऐसे हैं जिनमें एक भी समिति अस्तित्व में नहीं आई है। शहर के 25 वार्ड ऐसे हैं जहां डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो पा रहा।
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250 नागरिकों पर एक समिति का गठन करना है। कूड़ा संग्रह समिति बनाने का उद्देश्य था कि वार्डों के कम से कम पांच संभ्रांत नागरिकों को जोड़ा जाए। ये लोग क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयास करें और लोगों को जागरूक करें। गीला और सूखा कूड़ा प्रत्येक घर से अलग-अलग एकत्र किया जाए।
इसके एवज में मकान मालिक को 50 रुपये प्रतिमाह देना था। अब 50 रुपये देने में भी लोग संकोच कर रहे हैं। इसकी वजह से भी समितियों को बनाने की प्रक्रिया धीमी चल रही है। 50 रुपये के इस शुल्क से 75 प्रतिशत सफाई कर्मचारी को दिया जाना है। 15 प्रतिशत नगर निगम के खाते में जमा होना है। 10 प्रतिशत समिति को देखरेख के लिए इस्तेमाल करना है।
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यही वजह है कि नगर निगम की ढिलाई के वजह से क्षेत्र के पार्षद भी सहयोग नहीं कर रहे है। अधिकतर वार्डों में अब तक नगर निगम के कर्मचारी ही कूड़ा उठान कर रहे हैं।


सिर्फ 35 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
मानक के अनुसार 10 हजार व्यक्तियों पर 28 सफाई कर्मचारी तैनात होने चाहिए। नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या चार लाख से अधिक है। नगर निगम में वर्तमान में नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग पर करीब 12 सौ कर्मचारी तैनात हैं। नगर निगम क्षेत्र में करीब 130 टन कूड़ा रोजाना एकत्र किया जाता है। ऐसे में अगर कूड़ा संग्रह समितियां बन जाएं तो सफाई व्यवस्था बेहतर होगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज मिश्रा का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में करीब 35 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन हो रहा है। 40 समितियों के माध्यम से भी कूड़ा उठान कराया जा रहा है। इसमें प्रत्येक घर से 50 रुपये शुल्क के रूप में लिए जा रहे हैं। सभी वार्डों में तीन से चार ई-रिक्शा दिए गए हैं। इनसे सफाईकर्मी कूड़ा एकत्र करते हैं।

कंपोस्टर नहीं लगने से प्रक्रिया हो रही बाधित

कूड़ा संग्रह समिति क्षेत्र में कम से कम कंपोस्टर लगाया जाना चाहिए जो कि कूड़े को खाद में बदल सके। अब तक 40 वार्ड में ही कंपोस्टर लगे हैं। इस वजह से समितियां का गठन होने में दिक्कत आ रही है। कूड़ा एकत्र करके उसका समाधान नहीं हो पाएगा। इसलिए पार्षद इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। बड़ी बात है कि करोड़ों के बजट के बावजूद नगर निगम कंपोस्टर का इंतजाम नहीं करा पा रहा है।




वार्ड समिति का गठन नहीं किया है। समिति का गठन होने पर लोगों से 50 रुपये प्रतिमाह लिया जाना है। क्षेत्र के लोग कूड़ा उठान का पैसा नहीं देना चाहते हैं।



- शब्बन अली, पार्षद, तारीन जलालनगर

वार्ड संग्रह समिति का गठन नहीं किया गया, लेकिन खुद सफाई व्यवस्था की देखभाल करते हैं। सुबह वार्ड का चक्कर लगाकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेते हैं।



- रीता राठौर, पार्षद, जलालनगर बाहर चुंगी


क्षेत्र में कोई वार्ड समिति गठित नहीं है। सफाई व्यवस्था नगर निगम के कर्मचारी करने आते हैं। नगर निगम का वाहन ही कूड़ा उठान का कार्य करता है।



- सूरज, महमंद हद्दफ

मोहल्ले में कूड़ा उठान करने के लिए कर्मचारी नहीं लगा है। सभी लोग अपना कूड़ा फेंकने जाते हैं। वार्ड संग्रह समिति का भी गठन नहीं किया गया है।



- अशद अली, ककरा खुर्द


नगर निगम की ओर से संग्रह समिति का गठन किया जा रहा है। पहले से संख्या बढ़ी है। प्रयास किए जा रहे हैं कि लोगों को जागरूक करके इनका गठन जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। इससे सफाई व्यवस्था में सुधार होगा। कंपोस्टर की कमी है, इनको मंगाने की प्रक्रिया की जा रही है।
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- डाॅ. मनोज कुमार मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

सूरज, महमंद हद्दफ।

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सूरज, महमंद हद्दफ।

सूरज, महमंद हद्दफ।

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