शाहजहांपुर। भाजपा सांसद अरुण सागर ने सदन में नियम 377 के अधीन मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतक राष्ट्रीय एवं राज्य औसत की तुलना अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने मांग की कि आशा और एएनएम सुदृढ़ीकरण तथा गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज का प्रावधान किया जाए। सांसद अरुण सागर ने कहा कि चार एएनसी जांच प्राप्त करने वाली गर्भवती महिलाओं का प्रतिशत राष्ट्रीय औसत जहां 85.69 प्रतिशत है वहीं शाहजहांपुर में यह केवल 81.65 फीसदी है।
नवजात को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान की दर 75.91 फीसदी है जो कि राष्ट्रीय 90.55% एवं राज्य 93.41% औसत से काफी कम है। इसी प्रकार अन्य मानकों में भी स्थिति ठीक नहीं है। सांसद ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य प्रणाली की स्थिति भी इसी प्रकार चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि यह स्थिति दर्शाती है कि जिले के मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संसाधन क्षमता एवं गुणवत्ता मानकों में तत्काल और लक्षित हस्तक्षेप की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि उन्होंने सदन में मांग की है कि केंद्र सरकार शाहजहांपुर को स्वास्थ्य सुधार की प्राथमिकता सूची में शामिल कर, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन, आशा और एएनएम सुदृढ़ीकरण तथा गुणवत्ता अधोसंरचना के विकास के लिए विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज प्रदान किया जाए।