सिर्फ 25 फीसदी सड़कें ही एक माह में हो पाईं गड्ढा मुक्त
75 प्रतिशत अवशेष कार्य पूरा करने को बचे केवल 25 दिन
जिले की जर्जर हो चुकी सड़कों को 15 जून तक गड्ढामुक्त करने का मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का आदेश कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही से लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं पर भारी पड़ रहा है। हाल यह है कि नोडल अफसर समेत दोनों अधिशासी अभियंताओं को अपने दफ्तर छोड़कर निर्माण स्थलों पर काम की निगरानी करनी पड़ रही है, लेकिन काम की रफ्तार नहीं बढ़ पा रही। एक महीने में बमुश्किल 25 फीसदी सड़काें पर पैचवर्क हो पाया है। बाकी 75 फीसदी काम पूरा करने के लिए सिर्फ 25 दिन बचे हैं।
वित्त वर्ष 2014-15 में जिले में विभिन्न विभागों ने लगभग चार हजार किमी सड़कें बनाईं। इनमें पीडब्ल्यूडी, स्थानीय निकाय, गन्ना, मंडी आदि विभागों की सड़कें शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गड्ढामुक्त अभियान में पांच वर्ष के दौरान बनाई गईं सड़कों को शामिल किया जाए तो मार्गों की कुल लंबाई दस हजार किमी से अधिक है, लेकिन इनमें से पैचवर्क के लिए 1400 किमी लंबी पांच सौ सड़कें चिन्हित की गई हैं।
शुरुआत में टेंडर देने मेें देरी से काम पिछड़ा। बाद में कार्यदायी संस्थाओं ने निविदा में दिए रेट पर गिट्टी, पत्थर, मोरंग, तारकोल आदि उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण से हाथ खींचे। प्रशासन का दबाव बढ़ा तो लोनिवि के अधिशासी अभियंताओं ने रॉ मैटेरियल उपलब्ध कराकर काम की स्वयं निगरानी शुरू की। इसके बावजूद गड्ढायुक्त कई सड़कें उपेक्षित हैं।
गड्ढा मुक्त नहीं हो पाई पुवायां की सड़कें
पुवायां। लंबे समय से जर्जर पुवायां-बंडा मार्ग को नगर की सीमा तक ही गड्ढामुक्त किया गया है। गांव जुझारपुर तक और बंडा की ओर से पांच किमी तक रोड से गड्ढे मिटाकर उसे समतल करने के लिए मिट्टी और पत्थर से भरा गया था। वाहनों के दबाव से मिट्टी निकल गई, जिससे पत्थर ऊपर आ गए हैं और वाहनों के टायर पंक्चर होने का सबब बन रहे हैं। केवल खुटार, शाहजहांपुर, निगोही रोड को कोलतार डालकर गड्ढामुक्त किया गया है। पुवायां-मोहम्मदी मार्ग की दशा भी बेहद खराब है। सिरखिड़ी गांव तक रोड पर गड्ढों की भरमार के कारण चलना मुश्किल है। इसके आगे हॉटमिक्स से रोड निर्माण का काम शुरू हो गया है। देहात को जाने वाली सड़कों की दशा बेहद बदहाल है और तमाम सड़कों पर गहरे गड्ढे हैं।
जस के तस पड़े हैं तिलहर क्षेत्र के जर्जर मार्ग
तिलहर। आरबीएम इंटर कॉलेज से होकर निजामगंज होते हुए मीरगंज चौहटिया बाजार को जोड़ने वाली सड़क जस की तस पड़ी है। मोहल्ला दातागंज पूर्वी फाटक से सरस्वती विद्या मंदिर जाने वाला मार्ग भी खस्ताहाल है। नगर व देहात क्षेत्र की अन्य सड़कों का भी कोई पुरसाहाल नहीं लिया गया है। चेयरमैन इमरान खान और ईओ मनोज कुमार ने बताया कि नगर की सड़कों पर पैचवर्क के लिए सड़कों को बनाने के लिए तीन दिन पहले टेंडर मांगे गए हैं। उधर, छह माह पूर्व निर्मित बरी गांव का मार्ग घटिया निर्माण के चलते क्षतिग्रस्त हो गया है। गांव डभौरा व निगोही को जाने वाले मार्ग भी चलने लायक नहीं बन पाए हैं।
इधर बना उधर उखड़ने लगा कटरा-खुदागंज मार्ग
खुदागंज। प्रधानमंत्री सड़क योजना से कटरा-खुदागंज मार्ग पूरी तरह बन भी नहीं पाया कि उखड़ने लगा है। निगोही से खुदागंज तक बन रही सड़क भी आधी अधूरी है। यहां से मकरंदापुर होते हुए मीरानपुर कटरा तक जाने वाला मार्ग बुरी तरह जीर्ण-शीर्ण है। यही नहीं, नवादा दरोबस्त मार्ग, मझिला-खिरिया मार्ग, खुदागंज-फरीदपुर मार्ग, दिउरास-ताहरपुर मार्ग, खुदागंज-जलालपुर मार्ग में इतने गड्डे हैं कि उनमें सड़क ढूंढ़ना मुश्किल है।
जलालाबाद-सरैयां मार्ग पर बन गया तालाब
जलालाबाद। कटरा-बिल्हौर वाया फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे से गांव डोलापुर को जाने वाली रोड इतनी दयनीय हालत में है कि वहां गड्ढों की भरमार से सड़क कहीं-कहीं नजर आती है। यही नहीं, कसबे से सटे गांव सरैयां को जाने वाले रास्ते की शुरुआत में ही बना गड्ढा तालाब का रूप ले चुका है। इन मार्गों पर काम शुरू नहीं होेने से मुख्यमंत्री के वायदे पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री के आदेेशानुसार जिले की सड़कों को नियत समय सीमा तक गड्ढे पाटकर समतल और कोलतार लेपन कराने का काम तेजी से कराया जा रहा है। इस काम की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। अभी तक 357 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जा चुका है।
-आरके सिंह, नोडल अफसर/एक्सईन प्रांतीय खंड, लोनिवि