शाहजहांपुर। परिषदीय स्कूलों में व्यवस्थाओं में सुधार व शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए मंगलवार को बीएसए कार्यालय में शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बीएसए ने समन्वय बैठक ली। इस दौरान समायोजन, चयन वेतनमान, जर्जर स्कूलों की मरम्मत समेत कई मांगों को उठाया गया।
शाम को हुई बैठक में सबसे पहले समायोजन का मुद्दा उठाया गया। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रधानाध्यापकों का समायोजन नहीं होना चाहिए। जबकि सहायक अध्यापकों का तबादला ब्लॉक के बाहर करने के बजाय उसी विकासखंड में किया जाए। इस पर बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट से फैसला होने के बाद कार्रवाई को शुरू करेंगे।
इसी तरह चयन वेतनमान स्वीकृत नहीं होने के मुद्दे को शिक्षक संगठनों ने उठाया। बीएसए ने जवाब दिया कि काफी शिक्षकों के चयन वेतन स्वीकृत कर दिए गए हैं। कुछ के होना रह गए हैं। उसे भी पूरा कर लिया जाएगा।
बीएसए ने स्कूलों में सुधार के लिए शिक्षक संगठनों से सहयोग मांगा। कहा कि किताबें आ चुकी हैं। मार्च महीने से वितरण भी शुरू हो जाएगा। इस बीच जर्जर स्कूलों का मुद्दा भी उठाया गया। बीएसए ने बताया कि शिक्षक कंपोजिट ग्रांट से थोड़े काम कराते रहें।
बैठक में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, अंकुर त्रिपाठी, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री देवेश वाजपेयी, रविंद्र प्रजापति, राजकुमार तिवारी, बीटीसी शिक्षक संघ के राजकमल आर्य, प्रदीप जायसवाल, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष मगरे लाल, विश्राम सिंह आदि मौजूद रहे।
शिक्षक नेता को देखकर बीएसए खफा, छोड़ना पड़ी बैठक
शिक्षकों के साथ हुई बैठक में अधिकतर शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इस बीच एक शिक्षक संगठन के नेता को देखकर बीएसए खफा हो गईं। उन्होंने बैठक में कहा कि हम नहीं चाहते विभाग को बदनाम करने वाले हमारे सामने बैठें। उनके तल्ख रवैये को देखकर शिक्षक नेता भी नाराज होकर बैठक से निकल गए।