भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव और साइबर सेल प्रभारी नीरज यादव के बीच रुपये को लेकर विवाद काफी समय से चल रहा था। वीरेंद्र पाल के मुताबिक, उधारी के रुपये वापस न करने पर उन्होंने एसपी एस. आनंद से शिकायत की थी। इससे इंस्पेक्टर नीरज खुन्नस मानने लगे। आरोप है कि फोन पर निजी सचिव से अभद्रता की, फिर वीरेंद्रपाल से अभद्रता करने के बाद सीधे उनके सेठ एन्क्लवे स्थित आवास पर पहुंचकर ललकारा। आरोप है कि नीरज ने गोली मारने की धमकी देने के साथ फायर भी किया।
वीरेंद्र पाल यादव और उनके बेटे अजय प्रताप सिंह यादव जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में अजय की पत्नी ममता यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। 2020 में नीरज यादव सेहरामऊ दक्षिणी थाने के प्रभारी थे। वीरेंद्र के अनुसार, नीरज ने अपने भाई के इलाज के लिए पांच लाख रुपये उधार लिए थे। एक महीने में रुपये लौटाने का वादा किया था। वीरेंद्रपाल ने बताया कि आठ-दस महीने बाद उन्होंने तकादा किया तो वह टालने लगा।
करीब सवा साल बाद ढाई लाख रुपये वापस किए। इसके चार महीने के बाद 50 हजार रुपये दिए। शेष रुपयों को लेकर नीरज लगातार टरकाते रहे। परेशान होकर वीरेंद्र यादव ने एसपी एस. आनंद से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी तक मामला पहुंचने के तीन दिन बाद नीरज ने 50 हजार रुपये और दे दिए। शेष डेढ़ लाख रुपये जल्द देने का वादा किया। वीरेंद्र यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम उनके निजी सचिव सचिन शुक्ला ने नीरज को फोन किया। नीरज ने सचिन के साथ अभद्रता की।
इस पर वीरेंद्र ने फोन लिया तो उनसे एसपी से शिकायत दर्ज कराने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जब होंगे तब रुपये देंगे। इसके बाद नीरज ने फोन पर घर आकर गोली मार देने की धमकी दी। कुछ देर के बाद नीरज यादव थार गाड़ी से पहुंच गए। उनके हाथ में सरकारी पिस्टल थी। गालीगलौज करते हुए घर में घुस आए। वीरेंद्रपाल सामने आए तो फायर कर दिया लेकिन मिस हो गया। इस बीच सचिन और वीरेंद्रपाल के चालक ने नीरज से सरकारी पिस्टल छीन ली। इससे पहले वीरेंद्र यादव एसपी और सीओ सिटी को पूरे मामले की जानकारी फोन से दे चुके थे। कुछ देर में सदर थाने का फोर्स पहुंच गया। सीओ और एसपी सिटी भी आ गए। उन्होंने इंस्पेक्टर को हिरासत में ले लिया। वीरेंद्रपाल ने सरकारी पिस्टल वापस कर दी।
सीसीटीवी में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम
सेठ एन्क्लेव में हुआ घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया। भाजपा नेता वीरेंद्र यादव के अनुसार, उनके घर के सामने इंजीनियर विकास मेहरा के घर के बाहर कैमरे लगे हैं, इसमें पूरा मामला रिकॉर्ड हुआ है।
साइबर सेल प्रभारी नीरज यादव ने वीरेंद्र यादव से कुछ रुपये उधार लिए थे। रुपये देने के बजाये उनके साथ अभद्रता की है। सरकारी पिस्टल लेकर नीरज गए थे, लेकिन फायर करने की बात निराधार है। नीरज को निलंबित कर दिया गया।
-एस. आनंद, एसपी
बृहस्पतिवार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के निजी सचिव का फोन आया था। उसने गलत भाषा में बात की। जब मैंने विरोध किया तो उसने फोन वीरेंद्रपाल को दे दिया। उन्हें कुछ भ्रम हुआ था। इसी को दूर करने के लिए रात में उनके आवास पर गया था। मारपीट या फायरिंग की बात बिल्कुल गलत है। मैंने उनसे कोई रुपया उधार नहीं लिया।
- नीरज यादव, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक