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Shahjahanpur News: 383 एकड़ जमीन, 59 लाखे खाते में... गोवंश सिर्फ 192 ही अहाते में

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खुटार (शाहजहांपुर)। गांव सिमरा वीरान में स्थित राजकीय गोसदन के पास 383 एकड़ जमीन हैं। गोसदन के खाते में 59 लाख रुपये भी जमा हैं। हर लिहाज से समृद्ध होने के बावजूद इस गोसदन में गोवंशीय पशु सिर्फ 192 ही हैं। अगर अधिकारी दिलचस्पी लेकर यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दें तो पूरे पुवायां तहसील के छुट्टा पशुओं को यहां रखा जा सकता है।
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राजकीय गोसदन कमेटी के जिलाधिकारी पदेन अध्यक्ष और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सचिव हैं। सीडीओ, एसडीएम, ब्लॉक प्रमुख केके सक्सेना, और विनोबा सेवा आश्रम की विमला बहन सदस्य हैं। खुटार के पशु चिकित्साधिकारी प्रबंधक और गांव टाह के पशुधन प्रसार अधिकारी उप प्रबंधक हैं। गोसदन की 140 एकड़ जमीन पहले हर वर्ष ठेके पर उठाई जाती थी, लेकिन इस बार 110 एकड़ जमीन ही ठेके पर दी गई है। जमीन के ठेके के अलावा इस बार पतेल का ठेका भी 2.71 लाख रुपये में हुआ है। गोसदन की 50 एकड़ जमीन वन विभाग के पास है। गोसदन की 99 एकड़ जमीन यहां बन रहे गोकुल ग्राम को दी जानी है।
राजकीय गोसदन में इस समय दो टिन शेड हैं। इनकी क्षमता 140 पशु रखने की है। इस समय गोसदन में 192 गोवंशीय पशु हैं। यहां टिन शेडों की संख्या बढ़ा दी जाए और बाउंड्री हो जाए तो तहसील भर के सभी छुट्टा पशु यहां रखे जा सकते हैं। गोसदन के पास पर्याप्त धन भी है और जमीन भी, लेकिन अधिकारी यहां संसाधन बढ़ाने पर द्यान नहीं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर यहां संसाधन बढ़ जाएं तो तहसील भर में छुट्टा पशुओं की कोई समस्या ही नहीं रहेगी।
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बाउंड्री बन जाए तो रखे जा सकते हैं 500 पशु
कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने गोसदन के पास ही दो टिन शेड डलवाए थे। तार की बाड़ भी लगवाई थी। इन नए टिन शेड में चरनी भी बनी हुई हैं, लेकिन बाउंड्री न होने से यहां पशु नहीं रखे जा रहे हैं। टिन शेड खाली पड़े हैं।
पशुओं के अनुकूल है गोसदन के आसपास का वातावरण
गोसदन की भूमि पर वन विभाग का जंगल भी है और पास में गोमती नदी भी है। केवल बाउंड्रीवॉल बनवा कर पशु रखे जाएं तो जंगल में चरने से चारे की समस्या भी सुलझ जाएगी। नदी होने के कारण पानी की दिक्कत भी नहीं होगी। किसान संगठन लगातार छुट्टा पशुओं का मुद्दा उठा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार राजकीय गोसदन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
गोसदन को रानी ताजकुंवरि ने दान दी थी जमीन
आचार्य विनोबा भावे के आह्वान पर पुवायां तहसील में भी भूदान आंदोलन जोर-शोर से चला था। भूदान आंदोलन के कार्यकर्ता विश्वनाथ त्रिपाठी व्यग्र के खाते में लगभग 750 एकड़ जमीन आई थी। खुटार की रानी ताजकुंवरि ने भी काफी जमीन दान दी थी। इसी भूमि पर गोसदन बना है। इसके हिस्से में लगभग 383 एकड़ जमीन है।
सरकारी तंत्र की उपेक्षा के चलते गायों की दुर्दशा हो रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गायों के रहने के लिए उचित स्थान बनाया जाना चाहिए। गोसदन की भूमि की नीलामी पर रोक लगनी चाहिए। उस पर गायों के लिए चारा उगाया जाना चाहिए। - अनिल सिंह यादव, तहसील अध्यक्ष भाकियू टिकैत गुट
राजकीय गोसदन के पास जितना विशाल क्षेत्र है, उसके मुकाबले यहां काफी कम पशु रखे जाते हैं। किसान छुट्टा पशुओं से परेशान होकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। रात-दिन फसल की रखवाली करनी पड़ रही है, लेकिन अधिकारी गोसदन में व्यवस्था करने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। - तरविंदर सिंह मोमी, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष भाकियू चढ़ूनी गुट
वर्जन
राजकीय गोसदन का मुआयना कर पूरी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी। गोसदन में पशु रखने की क्षमता का विस्तार करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसानों को छुट्टा पशुओं से राहत मिल सके। - हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम पुवायां
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