तिलहर की कुंवरगंज पीएचसी में आयोजित आरोग्य मेला में मरीज की जांच कर दवा लिखते डॉ.अनुराग गुप्ता।
- फोटो : महोबा लैंड ऑफ आल्हा-ऊदल पत्रिका का विमोचन करते सदर विधायक, एमएलसी व अन्य। स्रोत: आयोजक
शाहजहांपुर/तिलहर। गर्मी के प्रकोप के बाद अस्पतालों में डायरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में अधिकतर मरीज इसी बीमारी से पीड़ित पहुंचे। उन्हें दवा देने के साथ ही साफ-सफाई रखने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त डॉक्टर नहीं है। इस कारण अधिकतर पीएचसी पर फार्मासिस्ट ही मेले की व्यवस्था संभालते हैं। डॉक्टरों के नहीं मिलने से मरीज भी यहां आने से कन्नी काटने लगे हैं। रविवार को मौसम में बदलाव के चलते जन आरोग्य मेले में अधिकतर मरीज डायरिया, बुखार और खांसी की समस्या लेकर पहुंचे।
तिलहर क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इन रोगों से ग्रस्त 99 मरीज आए। इनमें से 28 मरीजों की विभिन्न जांचें भी की गईं। कुंवरगंज की शहरी पीएचसी में डॉ. अनुराग गुप्ता ने 38 मरीजों को दवाएं देकर उनका उपचार शुरू किया। इनमें से 18 मरीजों की कई जांचें भी की गईं।
राजनपुर पीएचसी में डॉ. अभिषेक जौहरी ने 40 मरीज देखे। इनमें डायरिया के कारण शरीर में पानी की कमी के कई मरीज आए। उन्हाेंने छह मरीजों की जांच भी कराई। रमापुर पीएचसी पर डॉक्टर का पद रिक्त होने से वहां फार्मासिस्ट संजीव कुमार ने 21 मरीजों की दवाएं दीं और चार मरीजों की जांच कराई। डॉक्टरों के अनुसार, डायरिया के मरीजों को पानी समेत तरल पदार्थों का अधिक सेवन करने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है।