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Shahjahanpur News: बाबा बुजुर्ग, चाचा दिव्यांग, अब बलराम के बच्चों की परवरिश की चिंता

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गांव भटपुरा चंदू के बलराम के पिता बलवंत। संवाद
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पुवायां। बलराम की हत्या और पत्नी पूजा के जेल जाने के बाद उनके बच्चों की परवरिश का संकट खड़ा हो गया है। बच्चों के बाबा बलवंत, दादी रामबेटी बेहद बुजुर्ग हैं और काम करने में असमर्थ हैं। चाचा राजू दिव्यांग है।
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गांव भटपुरा चंदू निवासी बलराम की 28 जनवरी की रात पत्नी पूजा देवी ने पति के भांजे हरदोई के गांव सलेमपुर डर्रा के आदेश और उसके ही गांव के रहने वाले दोस्त रामचंद्र के साथ मिलकर हंसिया से गला काटकर हत्या कर दी थी। पूजा और आदेश के बीच अवैध संबंध थे। पूजा तीन बार आदेश के साथ जा चुकी थी। बलराम दोनों के प्रेम संबंधों में बाधक बन रहा था। पुलिस ने 30 जनवरी को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बलराम के चार बच्चे सात वर्षीय कांति देवी, पांच वर्षीय पवन, तीन वर्षीय परी देवी है और छोटू डेढ़ साल का है। बलराम का छोटा पुत्र पत्नी के साथ ही गया है। पिता की मौत और बाबा, दादी के बेहद बुजुर्ग होने और चाचा के दिव्यांग होने के कारण घर पर मौजूद तीन बच्चों के सामने रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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बलराम की हत्या की जानकारी पर आए रिश्तेदार भी बच्चों को लेकर काफी चिंतित दिखे। पूजा देवी की सगी बहन लड़ैती देवी की शादी बलराम के दिव्यांग भाई राजू से हुई है। अब तक बच्चे लड़ैती देवी और राजू के पास हैं। राजू ने बताया कि वह बेहद गरीब है। सरकार को कुछ आर्थिक मदद करनी चाहिए, जिससे भाई के बच्चों का ठीक से गुजारा हो सके।

बलराम के पिता, मां ने कबा- पुत्र के हत्यारों को हो फांसी की सजा
बलराम की हत्या से पिता बलवंत और मां रामबेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार को दोनों ने कहा कि पुत्रवधू पूजा के तीन बार आदेश के साथ जाने के बाद उन लोगों को बलराम को समझाया था कि पूजा को घर में रखना ठीक नहीं है। वह उसके साथ नहीं रहना चाहती है, लेकिन बलराम अपनी पत्नी की बातों में आकर उनकी बात नहीं सुनता था। उन लोगों को यह अंदेशा नहीं था कि पूजा अपने पति की हत्या कर देगी। बुजुर्ग दंपती ने कहा कि बलराम की हत्या में शामिल तीनों लोगों को फांसी होनी चाहिए।

हत्या से एक महीने पहले ही बलराम ने खरीदा था नया मोबाइल

हत्या से एक महीने पहले बलराम ने एक फाइनेंस कंपनी के माध्यम से किश्तों पर मोबाइल खरीदा था। नया मोबाइल लेने से बलराम खुश था, उसने पत्नी से कहा था कि काम कर किस्तें चुकाता रहेगा। बलराम की हत्या के बाद फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने भी जानकारी ली कि बलराम का मोबाइल कहां है।

गांव भटपुरा चंदू के बलराम के पिता बलवंत। संवाद

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