शाहजहांपुर। खुटार रेंज में वन विभाग सक्रियता बढ़ाएगा। चूंकि इस रेंज की सीमा पीलीभीत टाइगर रिजर्व और दुधवा टाइगर रिजर्व से जुड़ी हुई है, ऐसे में जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए डीएफओ की ओर से तीन गश्ती गाड़ियों और असलहों की मांग का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। गाड़ियां और असलाह मिलने के बाद 24 घंटे ड्यूटी लगाकर गश्त कराई जाएगी।
वन विभाग की खुटार रेंज की सीमा डीटीआर और पीटीआर दोनों से सटी हुई है। ऐसे में वन तस्करों के बेशकीमती पेड़ों का कटान और दुर्लभ जीवों का शिकार कर यहां से आसानी से निकल जाने की आशंका बनी रहती है। खुटार रेंज में भी जंगल का काफी भू-भाग है। चूंकि जनपद में वन विभाग सामाजिक वानिकी की श्रेणी में आता है। ऐसे में गश्ती गाड़ियों और असलहों की कमी है।
इसी के चलते डीएफओ ने तीन गश्ती गाड़ियों और असलहों की मांग का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। डीएफओ सचिन कुमार ने बताया कि खुटार रेंज दोनों टाइगर रिजर्व की सीमा से सटा हुआ है। ऐसे में यहां भी 24 घंटे निगरानी की आवश्यकता है। गाड़ियां और असलाह मिलने के बाद वनकर्मियों की गश्त के लिए तीन शिफ्टों में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई जाएगी। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर वन विभाग अपना केस दर्ज कर कार्रवाई करेगा।