ककरा स्थित गर्रा नदी पर बने पुल के खंभों के नीचे जमा सिल्ट। संवाद
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शाहजहांपुर। गत वर्ष आई बाढ़ के मद्देनजर प्रशासन बरसात से पहले सारी तैयारी पूरी कर लेना चाहता है। इसके तहत गर्रा नदी पर ककरा में बने पुल को ऊपर उठाए जाने काम किया जाना है। इसी के साथ इसके तीन स्पान (खंभे) के नीचे जमा भारी सिल्ट को भी हटाए जाने की तैयारी है। सिल्ट के कारण नदी का बहाव दायीं ओर ज्यादा हो गया है। डीएम ने इसके लिए नगर निगम को निर्देशित किया है।
जुलाई 2024 में गर्रा नदी का जलस्तर असामान्य रूप से बढ़ने के कारण ककरा, अजीजगंज से लेकर बरेली मोड़ तक बड़ी आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई थी। पानी उतरने के बाद वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना के निर्देश पर प्रशासन ने भविष्य में बाढ़ से निपटने की कवायद को शुरू कराया। बाढ़ आने के कारण तलाशे गए और स्थायी व वैकल्पिक विकल्पों को लेकर कार्ययोजना बनाई गई। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर प्रशासन की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान सामने आया कि ककराकलां से अजीजगंज की ओर जाने वाले मार्ग पर निर्मित पुल के तीन स्पान (खंभे) पूरी तरह से सिल्ट से ढक गए हैं। इन सिल्टेड स्पान के कारण गर्रा नदी में पानी का दबाव दायीं ओर अजीजगंज तटबंध की ओर बढ़ रहा है। इससे गर्रा नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है। टीम के स्थलीय निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यदि पुल के तीनों स्पान को साफ करा दिया जाए तो नदी अपने प्राकृतिक बहाव में वापस आ जाएगी। भविष्य में बाढ़ आने की आशंका में भी कमी आएगी। इस पर डीएम ने सेतु निगम और नगर निगम को निर्देशित किया। नगर आयुक्त डॉ. बिपिन मिश्रा ने बताया कि सिल्ट सफाई के लिए जल्द कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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बाढ़ से निपटने के लिए सभी प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के हिसाब से समय के भीतर और गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। सेतु निगम की तकनीकी समिति और सिंचाई विभाग की देखरेख में नगर निगम को स्पान में जमा सिल्ट की सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम