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पंच गीत हैं भागवत के पंच प्राण : आचार्य अंकुर

Wed, 26 Mar 2025 12:53 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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शाहजहांपुर। बाडूजई मोहल्ले में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन मंगलवार को कथा व्यास आचार्य पंडित अंकुर शुक्ल ने कहा कि महारास में पांच अध्याय हैं। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं। जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है, वह भव से पार हो जाता है। उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है।
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श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान की महारास लीला इतनी दिव्य है कि स्वयं भोलेनाथ उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए गोकुल पहुंच गए। कथा व्यास ने कंस का वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, कालयवन का वध, ऊधव-गोपी संवाद, ऊधव द्वारा गोपियों को अपना गुरु बनाना, द्वारका की स्थापना के प्रसंग का संगीतमय व्याख्यान किया। कथा में पंडित डॉ. कान्हा कृष्ण शुक्ल, नितिन, शिवानी, कनवी, शशी, कीर्ति, पल्लवी, कौटिल्य, तपेश्वरी आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
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