पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद रविवार को गांव आलमपुर पहुंचे और किसान बालिस्टर सिंह की मौत पर दुख जताते हुए परिवार के लोगों को सांत्वना दी।
गौतलब है कि गांव आलमपुर के किसान बालिस्टर सिंह पर बैंक का सात लाख रुपया कर्ज था। दस एकड़ गेहूं से उन्हें कर्ज आदि निपट जाने की उम्मीद थी, लेकिन फसल खराब हो जाने से दस एकड़ में मात्र 20 क्विंटल गेहूं निकलने से वह परेशान हो उठे थे और 21 अप्रैल की रात खेत के पास तालाब में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। डीएम शुभ्रा सक्सेना ने बालिस्टर सिंह के घर जाकर मामले की जानकारी ली थी।
रविवार को जितिन प्रसाद बालिस्टर सिंह के घर पहुंचे और मृतक के पुत्र अरूणेश सिंह ने मामले की जानकारी ली। उन्होंने डीएम से बात की तो डीएम ने बताया कि पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने के कारण सहायता देना संभव नहीं है। श्री प्रसाद ने कहा कि सोमवार को वह डीएम से मिलकर मदद दिलाए जाने का प्रयास करेंगे। श्री प्रसाद ने गांव के लोगों की समस्याएं भी सुनीं। लोगों ने बताया कि लेखपाल गांव आकर सर्वे नहीं कर रहे हैं, जिससे किसानों को सहायता चेक नहीं मिल पा रहे हैं। श्री प्रसाद ने इस मामले को भी डीएम के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया। श्री प्रसाद ने कहा कि किसानों की मदद करने के नाम पर प्रदेश और केंद्र सरकार मजाक कर रही हैं।
श्री प्रसाद के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा, धर्मेंद्र दीक्षित, सुरेशचंद्र शुक्ला, विजय बहादुर, विनीत त्रिपाठी, महेश मिश्रा, शशिमोहन, लक्ष्मीनारायन सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।