अब जमाना महिलाओं का है। उनके साहसी कारनामे देखने हैं तो एनसीसी बटालियन जाना होगा, जहां वह कभी फायरिंग करते, तो कभी बाधा दौड़, खाईं कूदना, दीवार फांदने जैसे साहसिक कार्य करके अपना दमखम दिखा रही हैं। इस अवसर पर ब्रिगेडियर दीपेंद्र सिंह सैनी ने गर्ल्स कैंडेट्स को शस्त्रों का रख-रखाव और उनका महत्व समझाया।
25 यूपी बटालियन में चल रहे यूपी ग्रुप के संयुक्त प्रशिक्षण कैंप में महिला कैडेट्स को फौज का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश भर से जुटीं इन कैडेट्स ने रविवार को फायरिंग रेंज में राइफलें
संभाल कर निशाना साधना शुरू किया। घंटों के प्रशिक्षण में कैडेट्स ने जमकर फायरिंग की और नंबर बटोरे। इसके अलावा उन्हें ड्रिल, मैप रीडिंग, बाधा दौड़ आदि का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ब्रिगेडयर दीपेंद्र सिंह सैनी ने कैडेट्स को भारतीय सशस्त्र सेना में प्रयुक्त होने वाले शस्त्रों की जानकारी दी और उनका उपयोग बताया।
ब्रिगेडियर ने कहा कि एनसीसी का मुख्य उद्देश्य युवक-युवतियों की द्वितीय रक्षापंक्ति तैयार करना है, ताकि आपातकाल में वह देश के काम आ सकें। एनसीसी के क्रियाकलापों को रोमांचक बनाने के लिए ही कैडेट्स को शस्त्रों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
कैंप कमांडेंट कीर्तिचक्र मेजर सुशील कुमार सिंह ने भी कैडेट्स के रखरखाव की जानकारी दी। फायरिंग प्रतियोगिता का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल एचसी पांडेय ने किया। प्रशिक्षण में कर्नल बलराज सरदाना, कैप्टन ज्योति चौधरी, मेजर अनिल मालवीय, लेफ्टिनेंट अनिलेश सिंह, लेफ्टिनेंट जय प्रकाश सिंह, ट्रेनिंग जेसीओ प्रेम सिंह, सूबेदार सत्यपाल, सूबेदार रविंदर सिंह, हवलदार नरेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।