राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन के तहत जिले में संपूर्ण स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन की ओर से सोमवार को खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर डीएम शुभ्रा सक्सेना ने ग्राम प्रधानों को हर सप्ताह दो घंटे श्रमदान करके स्वच्छता को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई। प्रभारी सीडीओ पीपी त्रिपाठी व डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को आसपास का परिवेश स्वच्छ रखने और शौचालयों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने का पाठ पढ़ाने के साथ स्वच्छता का महत्व बताया।
डीएम ने कहा कि स्वच्छता विकास का मूल मंत्र है और ग्राम प्रधान विकास कार्य कराने में सक्षम हैं। इसलिए गांव के विकास के लिए स्वच्छता को पहली जरूरत मानते हुए शौचालयों के निर्माण पर सारा ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि गंदगी रहने पर बच्चे-बूढ़े, महिलाएं आदि बीमार पड़कर कुपोषित होंगे। इसलिए सभी ग्राम प्रधान यह संकल्प करें कि शत प्रतिशत शौचालय बनवाकर उनका प्रयोग कराएंगे।
डीएम ने 27 जनवरी से तीन फरवरी तक मनाए जाने वाले मातृत्व सप्ताह की जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण करके उनकी प्रसव पूर्व सभी जांचें कराई जाएंगी। साथ ही सोनपरी नाम से हेल्पलाइन चलाई जाएगी। इस हेल्पलाइन पर गर्भवती महिला का नाम-पता बताने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर जाकर महिला की पूरी जांच कर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने प्रधानों से गांव स्तर पर इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार कराने का अनुरोध किया।
कार्यशाला में प्रभारी सीडीओ त्रिपाठी ने ग्राम प्रधानों से विकास कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखने का अनुरोध किया। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि अधूरे शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता से कराकर ग्राम प्रधान उनका इस्तेमाल करने के लिए ग्रामीणों को पे्ररित करें। कार्यशाला में कृषि, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पिछड़ा वर्ग कल्याण, समाज कल्याण आदि विभागों के अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं का विवरण दिया।