जलालाबाद में जमीन का निरीक्षण करते जिला जज। संवाद
जलालाबाद। बरेली हाईवे के किनारे बरुआरी गांव की जमीन पर जल्द ही मुंसिफ कोर्ट के भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए करीब सात एकड़ से ज्यादा जमीन खरीदने का प्रस्ताव उच्च न्यायालय की ओर से शासन को भेज दिया गया है। सोमवार शाम जिला जज ने चिह्नित जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया।
जुलाई 2012 में मुंसिफ कोर्ट मंजूर होने के बाद जगह उपलब्ध न होने के कारण तहसील में अधिवक्ताओं के लिए बने हाल को कोर्ट का रूप देकर करीब 14 साल से उसी में न्यायालय का संचालन हो रहा है। कोर्ट के लिए काफी समय से जमीन की तलाश की जा रही थी, लेकिन जरूरत के हिसाब से नहीं मिल रही थी। इसके बाद निजी जमीनें लेने का निर्णय किया गया। यह जमीन वरचंत सिंह और सर्वजीत सिंह की हैं।
जनपद न्यायालय से इस जमीन का उच्च न्यायालय को भेजा गया प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। तहसील बार संघ के अध्यक्ष अनिल पाठक ने बताया कि जमीन खरीदने के लिए उच्च न्यायालय ने 11 करोड़ 86 लाख 56 हजार की धनराशि का प्रस्ताव बीती 28 अप्रैल को शासन को भेजा था। जिला जज धर्मेंद्र पांडेय ने बताया कि जमीन तय हो गई है और धनराशि मिलते ही मुंसिफ कोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
जमीन के निरीक्षण से पहले जनपद न्यायाधीश परशुराम मंदिर पहुंचे और भगवान के दर्शन कर उनका पूजन-अर्चन किया। इस दौरान सीजेएम ज्योति अग्रवाल, सिविल जज (जूनियर डिवीजन), अभय सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश नाथ पाठक आदि मौजूद रहे।