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Shahjahanpur News: माैत का मंजर याद कर सिहर उठे हादसे में घायल व बचे श्रद्धालु

Mon, 27 May 2024 03:51 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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हादसे की जानकारी देते रतिराम और उनकी पत्नी। संवाद
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खुटार (शाहजहांपुर)। डंपर की टक्कर बस में लगने से घायल और बाल-बाल बचे श्रद्धालु माैत का मंजर याद कर सिहर उठे। ढाबे पर बस के रुकने के बाद कई लोग खाना खा रहे थे तो कुछ लोग गर्मी के कारण बस के आसपास टहलने लगे। अचानक तेज धमाके के बाद धूल का गुबार उठा और फिर चीख-पुकार मच गई।
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सीतापुर जनपद के गांव बड़ा जटहा निवासी रतिपाल अपनी पत्नी मायावती और पुत्र दीपांशु के साथ बस में सवार थे। रतिपाल ने बताया कि रात लगभग साढ़े दस बजे बस को ढाबे पर यात्रियों के खाना खाने और आराम करने के लिए रुकवाया गया था। यात्रियों से कहा कि जिसे भी भोजन, चाय-नाश्ता करना है, वह कर ले, फिर आगे चलेंगे। कई लोग भोजन आदि करने के लिए बस से उतर गए। कुछ बस में या उसके पास ही घर से साथ लाए भोजन करने लगे।

कुछ देर बाद डंपर की बहुत ही तेज आवाज सुनाई दी, जो तेज रफ्तार के कारण थी। ढाबे से कुछ पहले ऐसी आवाज आई कि चालक ने जैसे ब्रेक लगाने का प्रयास किया हो। डंपर तेज रफ्तार से बाईं ओर ढाबे की तरफ मुड़ा तो लोगों ने सोचा कि डंपर चालक रुकना चाहता है। इसलिए कच्चे रास्ते पर लेकर आ रहा है, लेकिन डंपर की तेज रफ्तार से सभी हैरान थे।
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कुछ सोचने-समझने से पहले ही डंपर सीधा बस में आगे से जा टकराया। तेज धमाके से कान सुन्न हो गए। धूल छंटी तो देखा कि डंपर की टक्कर के बाद कई लोग हादसे की चपेट में आ गए। माता पूर्णागिरि के दर्शन करने की खुशी और उल्लास में हंसते-खिलखिलाते कई लोग पलभर में लाश में बदल गए। हादसा देखकर मायावती, रूबी सहित कई महिलाएं बेहोश हो गईं। उनको बमुश्किल संभाला जा सका।

रतिराम अपने परिवार के साथ बस से आगे करीब 20 मीटर दूर थे। उनके साथ कई यात्री और भी बैठे भोजन कर रहे थे। हादसे के बाद वे लोग भागकर बस के पास पहुंचे तो भयावह दृश्य था। डंपर की बजरी बस के अंदर भर गई थी। बस में और बस के पास शव और मरने वालों के अंग पड़े हुए थे।

हादसे के बाद ढाबा स्वामी भी भाग गया। सूचना पर हादसे के 10 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू किया गया। डंपर की बजरी के कारण लोगों को निकालना तक मुश्किल था। इस पर आसपास के ईंट भट्ठों से चार जेसीबी, दो हाइड्रा मशीन और दो क्रेन बुलाकर घायलों और मृतकों को निकालकर सीएचसी भिजवाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद शव निकाले जा सके।





बदहवास हुई पिता और बहन को खो चुकी रूबी

रूबी अपने पिता रामगोपाल और बहन रोहिणी के साथ बस में सवार थी। रूबी ने बताया कि वह अन्य लोगों के साथ बस के आगे दूर जाकर बैठी थी। पिता रामगोपाल और बहन रोहिणी बस में रखा भोजन आदि निकालने गए थे। दोनों लोग बस की खिड़की के पास ही थे कि डंपर की जोरदार टक्कर के बाद उनकी आंखों के सामने ही पिता और बहन की जान चली गई। रूबी को पिता व बहन की मौत का विश्वास ही नहीं हो रहा है।



हादसे में मृत सभी लोगों के परिवारों की मजदूरी से होती है गुजर

जनपद सीतापुर के कस्बा सिधौली से एक रोड ब्लॉक कार्यालय के पास होते हुए गांव काशीपुर को जाता है। इस डामर रोड पर दो किमी चलने पर गांव जटहा पड़ता है। लगभग तीन हजार की आबादी वाले इस गांव में यादव और पासी बिरादरी के लोग रहते हैं। अधिकांश लोग मजदूरी पेशा हैं। प्रधान नेमचंद्र यादव ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि 25 मई की शाम को गांव के लोग हर्षोल्लास के साथ माता पूर्णागिरि धाम के लिए रवाना हुए थे। गांव के तमाम लोगों ने श्रद्धालुओं को विदाई दी थी। गांव के लोगों को क्या मालूम था कि इसमें 12 लोगों को वह अंतिम विदाई दे रहे हैं। रात लगभग 11 बजे गांव में हादसे की सूचना मिली तो लोग शाहजहांपुर के लिए रवाना हो गए।

प्रधान के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाली सोमवती के पति केदारी मजदूरी करते हैं। दूसरी मृतक छुटकी के पति छोटेलाल राज मिस्त्री का कार्य कर रोजी रोटी चलाते हैं। बस और यात्रियों की बुकिंग करने वाले रूपेश एक मेडिकल स्टोर पर नौकरी करते हैं। मृतक प्रमोद कुमार भी मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते थे। शिवशंकर यादव अक्सर बीमार रहते थे। वह लोहे की दुकान पर नौकरी करते थे। मृतक मीना देवी के पति रामदास पुताई का कार्य करते हैं। रामगोपाल और बिंद्रा प्रसाद भी मजदूरी कर परिवार की गुजर करते थे। हादसे की सूचना के बाद कमलापुर थाने की पुलिस ने भी गांव पहुंचकर जानकारियां जुटाई हैं।

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रात ढाई बजे पहुंची फायर ब्रिगेड टीम

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समय से मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटे रहे, लेकिन फायर ब्रिगेड टीम दो वाहनों सहित रात ढाई बजे मौके पर पहुंची। डंपर को सीधा करने के दौरान डंपर का डीजल टैंकर फट जाने से डीजल बहने लगा था। ऐसे में आग लगने का खतरा पैदा हो गया। आग लगती तो हादसा और बड़ा हो सकता था। फायर ब्रिगेड टीम की लेटलतीफी पर लोगों में नाराजगी थी।

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तमाम नेताओं ने सोशल मीडिया पर जताया दुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा कि जनपद शाहजहांपुर में श्रद्धालुओं से भरी बस की दुर्घटना अत्यंत दुखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हादसे में घायलों को जल्द से जल्द स्वास्थ्य लाभ हो और दिवंगतों को अपने श्री चरणों में स्थान दें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सड़क हादसे में 11 लोगों के हताहत होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से उन्हें यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने व घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। समाजवादी पार्टी ने भी अमर उजाला की खबर एक्स पर डालकर घटना पर दुख जताया है।

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ओवरलोड था डंपर

डंपर में बाॅडी के बराबर तक बजरी भरी हुई थी। इससे समझा जा रहा है कि डंपर ओवरलोड था। इसी कारण डंपर जैसे ही हाईवे से उतरकर बस की ओर बढ़ा, ढलान के चलते बजरी एक ओर हो गई और हादसे के बाद डंपर बस पर पलट गया। इससे बजरी बस में भर गई। डंपर को सीधा किया गया और जेसीबी मशीनों आदि से हटाने का प्रयास किया गया तो डंपर फिर से पलट गया।

हादसे की जानकारी देते रतिराम और उनकी पत्नी। संवाद

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