अल्हागंज। बारहपत्थर देवस्थान धाम के मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा में शनिवार को कथाव्यास पंडित सत्यदेव द्विवेदी ने भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में श्रीराम-केवट संवाद सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथाव्यास ने कहा कि जब भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ वनगमन करते हुए गंगा तट पर पहुंचे तो पार जाने के लिए उन्होंने केवट से नाव मांगी। इस पर केवट ने हाथ जोड़कर कहा कि आपके चरणों की धूल से पत्थर भी मनुष्य बन जाते हैं। मेरी लकड़ी की नाव आपके स्पर्श से कहीं स्त्री न बन जाए।
उन्होंने कहा कि केवट का यह भाव केवल नाव की रक्षा का नहीं बल्कि निष्काम सेवा और प्रभु भक्ति का प्रतीक है। उसने प्रभु श्रीराम के चरण धोकर घर की स्त्रियों को चरणामृत पिलाया और फिर प्रभु को गंगा पार कराई। अंत में भगवान के विग्रह की आरती कर प्रसाद बांटा गया। संवाद
श्रीमद्भागवत कथा सुनने से पापी भी मुक्त हो जाते हैं पाप से
शाहजहांपुर। उस्मानबाग चौकी स्थित श्री रुद्र बालाजी धाम पर संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। कथाव्यास आचार्य अंकुर शुक्ल ब्रजराजदास महाराज ने भागवत प्रसंग की शुरुआत भागवत के प्रथम श्लोक से की। कथाव्यास ने कहा कि जन्म-जन्मांतर एवं युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। श्रीमद्भागवत कथा एक अमर कथा है। इसे सुनने से पापी भी पापमुक्त हो जाते हैं। कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचता रहा है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। कथा में डॉ.आरके अवस्थी, डॉ.शालू अवस्थी, अमृता, रीमा, मधु, डिंपल, किरण, छाया आदि मौजूद रहीं। संवाद
कथा समापन पर हुआ प्रसाद वितरण
जैतीपुर। नवादा मोड़ के मंदिर पर श्रीमद् भागवत कथा समापन के बाद शनिवार को प्रसाद वितरण किया गया। इसमें दूरदराज से आए लोगों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में बाबा अभय गिरि महाराज, अरुण यादव, भूपेंद्र, प्रिंस यादव, सचिन यादव, राधेश्याम गुप्ता, नरेंद्र सिंह, रोहित तोमर, अजय सिंह, महेश यादव आदि मौजूद रहे। संवाद
अल्हागंज के बारहपत्थर मंदिर प्रांगण में श्रीराम कथा सुनाते कथाव्यास सत्यदेव द्विवेदी। संवाद