यदि धूम्रपान या किसी भी तरह की तंबाकू खाने के आदी हैं तो विकास भवन में घुसने से पहले बीड़ी-सिगरेट डस्टबिन मेें डालकर मुंह साफ कर लें। अन्यथा पकड़े गए तो दो सौ रुपये बतौर जुर्माना देना होगा। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर मंगलवार को सीडीओ पुलकित खरे ने विकास भवन के कर्मचारियों को खुलेआम तंबाकू व अन्य मादक पदार्थों का सेवन न करने की शपथ दिलाई। साथ नाजिर का पदभार संभाले सहायक लेखाकार को धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करने वालों से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया है। उधर, तहसील सदर तंबाकू निषेध दिवस पर आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में एसीजेएम प्रथम शिखा प्रधान ने तंबाकू से होने वाली हानियों का उल्लेख कर उसे छोड़ने के लिए प्रेरित किया।
विकास भवन में विभिन्न विभागों के कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों ने सीडीओ के नेतृत्व में शपथ ली कि वह कार्यालय समय मेें विकास भवन समेत सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान और मादक पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे। साथ ही दूसरों को भी धूम्रपान न करने को प्रेरित करेंगे। सीडीओ ने विकास भवन कर्मियों के चेन स्मोकर्स चिह्नित कर उन्हें विशेष रूप से शपथ कार्यक्रम में शामिल किया। सीडीओ ने सरकारी नियमावली का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें किए गए प्रावधान के अनुसार विकास भवन में मादक पदार्थों का सेवन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति से दो सौ रुपये जुर्माना वसूलने की व्यवस्था निहित है। सार्वजनिक रूप से धूम्रपान और तंबाकू सेवन पर प्रतिबंध का उल्ल्रंघन करने वालों से दो सौ रुपये अर्थ दंड वसूलने के लिए नाजिर सुशील सक्सेना को अधिकृत किया गया है।
एसीजेएम ने तंबाकू छोड़ने को कहा
तंबाकू निषेध दिवस पर तहसील सदर के सभागार में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एसीजेएम प्रथम शिखा प्रधान ने तंबाकू और उससे बने अन्य उत्पादों के सेवन से होने वाली हानियां गिनाते हुए सभी से इसको छोड़ने का आग्रह किया। इसी कड़ी में तहसीलदार ओंकार नाथ वर्मा, गोपाल मिश्र, राजीव दीक्षित, विनोद पाल सिंह आदि ने भी तंबाकू से सेहत को होने वाले नुकसान गिनाए। कवि डॉ. इंदु अजनबी के संचालन में आयोजित शिविर में एसीजेएम प्रधान ने विधिक साक्षरता से संबंधित नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से संचालित विभिन्न योजनाओं से भी अवगत कराया।