कांट। नगर पंचायत के सीमा क्षेत्र में लिपुलेख-भिंड हाईवे के किनारे अतिक्रमण करने वालों को अवैध कब्जे हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने तीसरी बार नोटिस जारी किया है।
खास यह है कि विभाग ने 20 दिसंबर तक अवैध कब्जे हटाने की मोहलत दी थी, लेकिन संबंधितों को डाक विभाग से नोटिस देर से मिले हैं। कस्बे में हाईवे के दोनों तरफ तमाम लोगाें ने पक्की दुकानें व मकान बना रखे हैं।
हाईवे का चौड़ीकरण करने के लिए अतिक्रमण करने वालों को दो बार पहले भी लोनिवि से नोटिस जारी हो चुके हैं। इसी क्रम में लोनिवि निर्माण खंड-1 के सहायक अभियंता द्वितीय ने तीसरी बार नोटिस जारी किए हैं।
एई ने कहा है कि रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट 1945 के तहत सड़क के बीच से एक ओर 18.30 मीटर (60 फुट) तक विभाग की जमीन है। इसी एक्ट के अनुसार सड़क के मध्य से दोनों तरफ 220 फुट तक विभाग का नियंत्रण क्षेत्र है।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हाईवे के किनारे विभाग के नियंत्रण वाली जमीन से अवैध कब्जे नहीं हटने पर विभाग स्वयं हटाएगा और अतिक्रमण में लगने वाली जेसीबी का खर्च अवैध कब्जा करने वालों को वहन करना होगा।
डाक विभाग से संबंधितों को नोटिस देर से प्राप्त होने का हवाला देने पर निर्माण खंड-1 के अवर अभियंता मोबीन अहमद का कहना है कि डाक विभाग से नोटिस देर से प्राप्त हाेने पर भी अतिक्रमण करने वालों को कोई राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि उन्हें दो बार पहले भी नोटिस जारी हो चुके हैं।
जेई के अनुसार विभाग, नगर पंचायत और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई जल्द शुरू होगी। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि, उससे पहले लोगों से खुद ही कब्जा हटाने के लिए अपील की गई है।