जलालाबाद। गांव रौली बौरी स्थित श्मशान की जमीन पर अवैध रूप से काबिज लोगों के खिलाफ प्रशासन दस नवंबर से बेदखली की कार्रवाई करेगा। तहसीलदार अनुराग दुबे ने थाना सभागार में अतिक्रमणकारियों को बुलाकर उन्हें तीन दिन के अंदर अपना सामान हटा लेने की सख्त हिदायत दी।
इस दौरान कब्जेदारों ने विभिन्न तरह की समस्याएं बताते हुए उन्हें 10-12 दिनों की मोहलत देने की मांग की। तहसीलदार ने स्पष्ट कहा कि उन लोगों के पास रविवार तक का समय है। सोमवार को अतिक्रमण हटा दिया जाएगा। इस दौरान नायब तहसीलदार रोहित कटियार, प्रभारी निरीक्षक राजीव तोमर भी मौजूद रहे।
तहसीलदार अनुराग दुबे ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय में इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद 25 मई को कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई कर जमीन को कब्जामुक्त कराने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद सभी कब्जेदारों को नोटिस जारी कर उनसे तत्काल जमीन खाली कर देने के लिए कहा गया। इसके बावजूद कब्जे नहीं हटाए गए।
श्मशान की करीब 14 बीघा जमीन पर 43 परिवारों के करीब चार सौ लोग रह रहे हैं। इनमें से करीब एक दर्जन परिवार ऐसे हैं जिनके पास घर होने के बाद भी वे इस जमीन पर अस्थायी रूप से काबिज हैं। अन्य कब्जेदारों के पास उनका कोई घर नहीं है।
गांव की छोटी बिटिया ने बताया कि उनकी बेटी जीशान की शादी 29 नवंबर को है। पति की मौत हो चुकी है। घर टूटने के बाद वह अपना सामान कहां ले जाएंगी। रेशमा ने बताया कि वह मिर्जापुर के गढ़ी औरंगाबाद की निवासी हैं। कई साल पहले बाढ़ मे मकान कट जाने के बाद प्रशासन ने उसे यहां रहने की जगह दी थी। यहां घर बना लिया। पति की मौत हो चुकी है। अन्य कोई जमीन नहीं है। बेघर हो जाने के बाद वे लोग कहां जाएंगे।
वहीं श्मशान की जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया मे प्रशासन के जुट जाने के बाद भी भारतीय बजरंग दल 17 नवंबर को प्रस्तावित अपने आंदोलन को वृहद बनाने की तैयारियों मे लगा हुआ है। बृहस्पतिवार को भी संगठन के प्रांत मंत्री मुनिराज के नेतृत्व मे कई कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के गांव कोना याक़ूबपुर, मंझोला, खंडहर, रघुनाथपुर आदि गांवों मे लोगों से संपर्क कर आंदोलन से जुड़ने की अपील की।