शाहजहांपुर। दुष्कर्म के आरोपी पर दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने उसे दोषमुक्त कर बरी कर दिया।
परौर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 19 अगस्त 2017 को पूर्वाह्न करीब 11 बजे वह अपने दुधमुंहे बच्चे के साथ घर में अकेली थी। उसी समय गौतम घर में घुस आया और उसका हाथ पकड़कर कोठरी की तरफ खींचा। जब उसने विरोध किया तो उसने गालीगलौज करते हुए लात-घूंसों से पीटा। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर सास और अन्य लोग मौके पर आ गए तो वह उन्हें छोड़कर भाग गया। पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट, धमकाने आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली। बाद में विवेचना में दुष्कर्म की बात सामने आने पर गौतम के विरुद्ध दुष्कर्म व अन्य धाराओं में आरोपपत्र अदालत भेजा गया। अदालत में गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर गौतम पर दोष साबित न होने पर त्वरित न्यायालय प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मिताक्षर ने गौतम को दोषमुक्त कर दिया। संवाद