पुवायां। डीएम के कड़े रुख और निर्देश के बाद अंतत: गन्ना किसान डिग्री कॉलेज से पेड़ काटने वाले ठेकेदार को एक माह बाद पकड़ लिया गया है। पेड़ बेचने वाले प्रवक्ता पर पुलिस अब भी मेहरबान है।
कॉलेज में प्रबंध समिति के प्रस्ताव के बिना एक प्रवक्ता ने नौ पेड़ कटवाकर बेच दिए थे। ठेकेदार बड़ागांव निवासी मंगल ने 12 अगस्त काे कॉलेज के सात और निजी भूमि पर खड़े दो पेड़ कटवाकर कुछ लकड़ी भी भरवा ली थी। बिना प्रस्ताव के पेड़ काटे जाने का मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो लीपापोती शुरू करते हुए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार ने मामले में प्रवक्ता, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और ठेकेदार पर केवल वन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
18 अगस्त को समाधान दिवस में आए डीएम ने प्रार्थनापत्र लेकर पहुंचे प्रवक्ता को कड़ी फटकार लगाई थी और सीओ प्रवीण मलिक को पेड़ काटने और कटवाने वालों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाने के लिए कहा था। एक माह बाद मंगलवार को ठेकेदार मंगल को पकड़कर चालान किया गया है।
थाना प्रभारी रवि करन सिंह ने बताया कि ठेकेदार की निशानदेही पर आठ बोटा सेमल की लकड़ी बरामद कर डीसीओ के सुपुर्द कर दी गई है। खास बात यह है कि पेड़ कटने के बाद कॉलेज की संयुक्त सचिव एसडीएम चित्रा निर्वाल ने बयान दिया था कि पेड़ काटे गए हैं, लेकिन लकड़ी नहीं ले जाई गई है। सवाल है कि जब लकड़ी नहीं ले जाई गई थी, तो आठ बोटा लकड़ी कैसे बरामद की गई है।
प्रवक्ता ने निजी भूमि पर खड़े पेड़ भी थे बेचे
प्रवक्ता ने कॉलेज के पेड़ चोरी से बेचने के साथ ही कॉलेज के पास निजी भूमि पर खड़े सेमल के दो पेड़ भी बेचकर कटवा डाले थे। इस मामले में पुवायां रामलीला मेला समिति के मंत्री डॉ. राकेशचंद्र मिश्रा ने तहरीर दी थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। डॉ. राकेशचंद्र मिश्रा ने कहा कि वह एसपी को मामले से अवगत कराएंगे।
डॉ. राकेश मिश्रा का बयान विवेचना का विषय है। ठेकेदार नामजद था, उसे पकड़ा गया है। ठेकेदार से पूछताछ में पेड़ बेचने वालों के नाम सामने आएंगे। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रवीण मलिक, सीओ पुवायां